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आपकी ठंडी बीयर का कैन ख़तरे में है! सरकार के एक नियम से इंडस्ट्री में मचा हाहाकार

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अगर आप ठंडी बीयर का कैन हाथ में लेकर रिलैक्स करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपकी चिंता थोड़ी बढ़ा सकती है। भारत की बीयर इंडस्ट्री एक बड़े संकट से गुज़र रही है, और इसका असर सीधे आपकी जेब और सरकार के खजाने, दोनों पर पड़ सकता है।

तो आखिर माजरा क्या है?

समस्या है बीयर को पैक करने वाले एल्युमीनियम कैन्स की भारी कमी! देश की बीयर इंडस्ट्री का कहना है कि हमें हर साल लगभग 12-13 करोड़ कैन्स की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह इतनी बड़ी कमी है कि इससे देश की कुल बीयर बिक्री का लगभग 20% हिस्सा प्रभावित हो रहा है।

अगर हालात नहीं सुधरे, तो सरकार को सीधे-सीधे 1,300 करोड़ रुपये के राजस्व (टैक्स) का चूना लग सकता है।

इस संकट के पीछे की वजह: एक नया नियम

इस पूरी गड़बड़ी की जड़ में सरकार का एक नया नियम है। सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 से यह अनिवार्य कर दिया है कि देश में बिकने वाले सभी एल्युमीनियम कैन्स पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का सर्टिफिकेशन होना ज़रूरी है। यह नियम क्वालिटी कंट्रोल के लिए तो अच्छा है, लेकिन इसने इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है।

  • समस्या क्या है? भारत में कैन बनाने वाली बड़ी कंपनियां, जैसे बॉल बेवरेज और कैन-पैक, पहले से ही अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं। वे और ज़्यादा कैन नहीं बना सकतीं।
  • नई लाइन लगने में लगेगा वक़्त: इन कंपनियों का कहना है कि नई प्रोडक्शन लाइन शुरू करने में कम से कम 6 से 12 महीने लग जाएंगे।
  • विदेश से मंगाना भी मुश्किल: बाहर से कैन मंगवाना भी आसान नहीं है, क्योंकि विदेशी कंपनियों को भी BIS सर्टिफिकेशन लेने में कई महीने लग जाते हैं, और तब तक वे भारत में अपने कैन नहीं बेच सकतीं।

बीयर कंपनियां सरकार से क्या चाहती हैं?

देश की बड़ी-बड़ी बीयर कंपनियों (जैसे Kingfisher, Budweiser, Carlsberg) की संस्था, ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI), ने सरकार से इस समस्या का हल निकालने की गुहार लगाई है। उनकी मांग है:

  1. नियमों में ढील दी जाए: इस नए BIS सर्टिफिकेशन वाले नियम को कम से कम एक साल के लिए टाल दिया जाए, ताकि इंडस्ट्री को तैयारी का समय मिल सके।
  2. जिन्होंने अप्लाई किया, उन्हें अनुमति मिले: जिन विदेशी कंपनियों ने BIS सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन कर दिया है, उन्हें प्रक्रिया पूरी होने तक अपने कैन्स भारत में बेचने की अनुमति दी जाए।

सरकार ने फिलहाल 30 सितंबर, 2025 तक बाहर से बिना सर्टिफिकेशन वाले कैन मंगाने की छूट दी है, लेकिन इंडस्ट्री का कहना है कि यह नाकाफी है। अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो हो सकता है कि आने वाले समय में आपको अपनी पसंदीदा बीयर के लिए ज़्यादा कीमत चुकानी पड़े, या शायद वो आपको मिले ही नहीं!

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