Tuesday , July 28 2026

पुलिस ने लगाया UAPA, जानिए क्या है ये आतंकवाद का सबसे सख्त कानून:

Post

News India Live, Digital Desk: दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के मामले ने अब एक बहुत ही गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस केस की जांच में एक ऐसा कानून जोड़ दिया है, जिसका नाम सुनते ही बड़े-बड़े अपराधियों की नींद उड़ जाती है। इस कानून का नाम है UAPA (Unlawful Activities Prevention Act)। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये UAPA क्या बला है और पुलिस ने इसे क्यों इस्तेमाल किया? चलिए, एकदम आसान भाषा में समझते हैं।

क्या होता है ये UAPA कानून?

सीधे शब्दों में कहें तो UAPA आतंकवाद को रोकने और उससे जुड़ी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए बनाया गया एक बहुत ही सख्त कानून है। जब किसी घटना के पीछे देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने या आतंकी साजिश का शक होता है, तो जांच एजेंसियां इस कानून का इस्तेमाल करती हैं। यह कानून पुलिस और जांच एजेंसियों को कुछ खास अधिकार देता है, जो सामान्य कानूनों में नहीं मिलते।

क्यों है यह इतना खतरनाक?

  1. कड़ी सजा का प्रावधान: इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सज़ा हो सकती है।
  2. ज़मानत मिलना मुश्किल: UAPA के तहत अगर कोई गिरफ्तार होता है, तो उसे ज़मानत मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी 180 दिन तक का समय मिल जाता है, जबकि आम मामलों में यह 60 से 90 दिन होता है।
  3. एजेंसियों को ज़्यादा ताकत: यह कानून NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) जैसी एजेंसियों को बहुत ताकत देता है। वे किसी भी राज्य में जाकर जांच कर सकते हैं और संपत्ति भी ज़ब्त कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें उस राज्य की पुलिस से पहले से इजाज़त लेने की ज़रूरत नहीं होती।

दिल्ली धमाके में UAPA क्यों लगा?

लाल किले के पास जो कार धमाके में इस्तेमाल हुई थी, उसकी जांच के दौरान पुलिस को विस्फोटक बनाने का सामान मिला है। जब भी किसी घटना में बम या विस्फोटक का इस्तेमाल होता है और उसके पीछे किसी आतंकी साजिश का शक होता है, तो पुलिस लगभग हमेशा UAPA के तहत ही केस दर्ज करती है। इस कानून को लगाने का मतलब है कि पुलिस इस घटना को एक आतंकी हमला मानकर जांच कर रही है और इसके पीछे के पूरे नेटवर्क को खत्म करना चाहती है।

[ad_2]