Friday , April 17 2026

अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए रची गई फिल्मी साजिश 11 भारतीयों पर लगा फर्जी डकैती करवाने का आरोप, ऐसे खुला राज

News India Live, Digital Desk : अमेरिका में बसने और ग्रीन कार्ड पाने की चाहत में कुछ लोगों ने ऐसा रास्ता चुना जिसने अमेरिकी जांच एजेंसियों (FBI) के भी होश उड़ा दिए। मैसाचुसेट्स और अन्य अमेरिकी राज्यों में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीय नागरिकों पर ‘वीजा धोखाधड़ी’ की एक बड़ी साजिश रचने का आरोप लगा है। इन लोगों ने कथित तौर पर दुकानों में नकली डकैती (Staged Robberies) करवाई ताकि वे खुद को अपराध का शिकार बताकर ‘U Visa’ हासिल कर सकें।क्या है पूरा मामला? (The Staged Robbery Scheme)अमेरिकी फेडरल अभियोजकों के अनुसार, यह साजिश मार्च 2023 के आसपास शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य U Visa प्राप्त करना था, जो उन लोगों को मिलता है जो किसी गंभीर अपराध का शिकार हुए हों और पुलिस की जांच में मदद करते हों।पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी: एक ‘नकली लुटेरा’ दुकान में घुसता, सीसीटीवी कैमरे के सामने बंदूक (या वैसी दिखने वाली वस्तु) दिखाकर क्लर्क को डराता और पैसे लेकर भाग जाता।जानबूझकर देरी: दुकान के कर्मचारी लुटेरे के भागने के कम से कम 5 मिनट बाद पुलिस को फोन करते थे ताकि वह आसानी से निकल सके।भारी भरकम भुगतान: रिपोर्ट के अनुसार, “पीड़ित” बनने के लिए लोगों ने मास्टरमाइंड को हजारों डॉलर (एक मामले में $20,000 तक) का भुगतान किया।इन राज्यों में हुई कार्रवाईजांच एजेंसियों ने विभिन्न राज्यों से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:मैसाचुसेट्स: 6 आरोपी गिरफ्तार।केंटकी, मिसौरी और ओहियो: अन्य आरोपी पकड़े गए।एक आरोपी डिपोर्ट: दीपिकाबेन पटेल को अवैध रूप से रहने के कारण पहले ही भारत डिपोर्ट किया जा चुका है।U Visa क्या है और क्यों है इसकी इतनी मांग?U-Visa एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है जो उन लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है जिन्होंने अमेरिका में शारीरिक या मानसिक शोषण सहा हो। यह वीजा मिलने के 3 साल बाद व्यक्ति ग्रीन कार्ड (Permanent Residency) के लिए आवेदन करने का पात्र हो जाता है। इसी ‘शॉर्टकट’ का फायदा उठाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी।