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बिहार को मिला नया महामहिम लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने ली शपथ, जानें उनके शानदार सैन्य करियर की पूरी कहानी

News India Live, Digital Desk : पटना स्थित लोक भवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में ले. जनरल सैयद अता हसनैन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। वे बिहार के राज्यपाल बनने वाले पहले पूर्व सेना अधिकारी हैं। उन्होंने आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था।शपथ ग्रहण समारोह की मुख्य बातें (The Ceremony)किसने दिलाई शपथ: पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहो ने उन्हें राजभवन के ऐतिहासिक परिसर में शपथ दिलाई।प्रमुख उपस्थिति: समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सहित कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।अभिवादन: शपथ लेने के बाद राज्यपाल को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर नए कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।कौन हैं ले. जनरल सैयद अता हसनैन? (Who is Syed Ata Hasnain?)सैयद अता हसनैन का भारतीय सेना में लगभग 40 वर्षों का गौरवशाली करियर रहा है:महत्वपूर्ण कमांड: उन्होंने कश्मीर में सेना की सबसे महत्वपूर्ण 15 कोर (Srinagar based Chinar Corps) की कमान संभाली थी। इसके अलावा उन्होंने 21 कोर (स्ट्राइक फॉर्मेशन) का भी नेतृत्व किया।सैन्य सचिव: रिटायरमेंट से पहले वे भारतीय सेना के ‘मिलिट्री सेक्रेटरी’ जैसे अहम पद पर तैनात थे।शिक्षा और अनुभव: उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज (दिल्ली) और किंग्स कॉलेज लंदन से शिक्षा प्राप्त की है। वे रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं और एनडीएमए (NDMA) के सदस्य भी रह चुके हैं।पुरस्कार: उन्हें उनकी सेवाओं के लिए राष्ट्रपति द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है।बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?आपदा प्रबंधन: बिहार हर साल बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जूझता है। एनडीएमए (NDMA) में हसनैन के अनुभव का लाभ राज्य को आपदा प्रबंधन रणनीतियों में मिल सकता है।प्रशासनिक अनुभव: एक अनुशासित सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के राज्यपाल बनने से राजभवन और सरकार के बीच समन्वय और प्रशासनिक अनुशासन में सुधार की उम्मीद है।युवा प्रेरणा: वे हमेशा से युवाओं के बीच शिक्षा और कौशल विकास को लेकर सक्रिय रहे हैं, जो बिहार जैसे युवा प्रधान राज्य के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।