News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा के एक सवाल ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले कुछ अधिकारी आज भी पुरानी सरकारों की मानसिकता से ग्रसित हैं और जानबूझकर सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसे सवाल डाल रहे हैं।क्या था वह विवादास्पद सवाल? (The Controversy)14 मार्च को हुई परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र में एक मुहावरे या शब्द समूह के लिए एक शब्द पूछा गया था:प्रश्न: “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” के लिए सही शब्द क्या है?विकल्प: इसके विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द को ‘अवसरवादी’ (Opportunist) के साथ रखा गया था।विवाद का कारण: ब्राह्मण समाज और कई संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई कि विद्वत्ता के प्रतीक ‘पंडित’ शब्द को नकारात्मक अर्थ (अवसरवादी) के पर्याय के रूप में पेश करना अपमानजनक है।राजभर के बयान की 3 बड़ी बातेंअधिकारियों पर निशाना: राजभर ने कहा, “सवाल लिखने का तरीका गलत था। यह उन अधिकारियों की गलती है जो विपक्ष के इशारे पर काम कर रहे हैं ताकि चुनाव से पहले सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा सके।”जाति प्रधान राजनीति: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज देश ‘कृषि प्रधान’ नहीं बल्कि ‘जाति प्रधान’ हो गया है, जहाँ हर बात को जाति के चश्मे से देखा जाता है।जांच की मांग: उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले को लेकर गंभीर हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।सरकार और भर्ती बोर्ड का एक्शनविवाद बढ़ता देख सरकार ने तुरंत मोर्चा संभाला है:डिप्टी सीएम का रुख: ब्रजेश पाठक ने इसे ‘अक्षम्य’ बताया और बोर्ड को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।भर्ती बोर्ड की सफाई: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिस एजेंसी ने यह पेपर सेट किया था, उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उस विशिष्ट प्रश्न को मूल्यांकन (Evaluation) से हटा दिया गया है।
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