News India Live, Digital Desk: आज (16 अप्रैल 2026) राज्यसभा में एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने घोषणा की है कि विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) ने कल यानी 17 अप्रैल 2026 को होने वाले राज्यसभा उपसभापति चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।बहिष्कार के 3 मुख्य कारणजयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस फैसले के पीछे तीन प्रमुख दलीलों को साझा किया:लोकसभा उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना: विपक्ष का तर्क है कि मोदी सरकार ने पिछले 7 वर्षों से लोकसभा में उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) की नियुक्ति नहीं की है, जो संसदीय इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य पर आपत्ति: एनडीए ने हरिवंश नारायण सिंह (जदयू) को तीसरी बार इस पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। जयराम रमेश के अनुसार, हरिवंश का दूसरा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके एक दिन बाद उन्हें राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। विपक्ष का कहना है कि संसदीय इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किसी सदस्य को उपसभापति पद के लिए विचार किया जा रहा है।परामर्श का अभाव: विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण पद के चुनाव और उम्मीदवार के चयन को लेकर विपक्षी दलों के साथ कोई सार्थक विचार-विमर्श (Consultation) नहीं किया।हरिवंश नारायण सिंह: तीसरी बार दावेदारी69 वर्षीय हरिवंश नारायण सिंह, जो मूल रूप से झारखंड के रांची के निवासी हैं और बिहार से राज्यसभा सांसद रहे हैं, 2018 और 2020 में भी उपसभापति चुने गए थे। इस बार एनडीए उन्हें फिर से इस कुर्सी पर बिठाने की तैयारी में है। हालांकि, विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि यह बहिष्कार उनके प्रति किसी व्यक्तिगत अनादर के कारण नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली के विरोध में है।कल का कार्यक्रमतारीख: 17 अप्रैल 2026समय: सुबह 11:00 बजे (राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद)प्रक्रिया: सदन के नियमों (Rule 7) के तहत नए उपसभापति का चुनाव होगा।विपक्ष के इस बहिष्कार के बावजूद, संख्या बल के आधार पर एनडीए उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
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