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Tej Pratap Yadav Birthday : 39 के हुए तेज प्रताप, पिता लालू ने खिलाया केक; छोटे भाई तेजस्वी पर साधा निशाना

News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति के सबसे चर्चा में रहने वाले चेहरों में से एक, तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को अपना 39वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। इस खास मौके पर उनके पिता और राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव खुद उनके आवास पहुंचे और अपने हाथों से बड़े बेटे को केक खिलाया। हालांकि, इस पारिवारिक मिलन के बीच सियासी कड़वाहट भी साफ दिखी। तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें बिहार चुनाव में हार के लिए जिम्मेदार ठहराया।लालू के साथ मनाया जश्न, समर्थकों का रहा हुजूमगुरुवार शाम पटना स्थित आवास पर आयोजित पार्टी में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी।पिता का आशीर्वाद: लालू यादव ने केक काटकर तेज प्रताप को जन्मदिन की बधाई दी और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।जज्बाती पल: पिता-पुत्र के बीच की यह बॉन्डिंग उन खबरों के बीच आई है जिनमें तेज प्रताप को पार्टी (RJD) से दूर बताया जा रहा था।बैलून से सजा आवास: समर्थकों ने ‘तेज प्रताप यादव जिंदाबाद’ के नारों के साथ पूरे घर को गुब्बारों से सजा रखा था।तेजस्वी पर बरसे तेज प्रताप: ‘अहंकार ने डुबोई लुटिया’जन्मदिन के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा:हार का विश्लेषण: “कुछ लोग खुद को बहुत बड़ा नेता समझने लगे थे, लेकिन आज देखिए कि आरजेडी महज 25 सीटों पर सिमट गई है। यह उनके गलत फैसलों और अहंकार का नतीजा है।”नई पार्टी का जिक्र: तेज प्रताप ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) की मजबूती की बात करते हुए संकेत दिया कि असली लालूवादी उनके साथ हैं।तेजस्वी का गायब होना: इस जन्मदिन समारोह में भी तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दी बधाईराजनीतिक गलियारों में हलचल तब और बढ़ गई जब तेज प्रताप ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तारीफ की। उन्होंने कहा:”बिहार में नौजवान जब आगे बढ़ता है, तो नई दिशा तय होती है। मैंने सम्राट चौधरी के सीएम बनने की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी, जो अब सच साबित हुई है।”उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे युवाओं को रोजगार देने और महिलाओं की सुरक्षा के मोर्चे पर ठोस काम करें।पारिवारिक दरार हुई गहरी?जानकारों का मानना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद यादव परिवार के भीतर की लड़ाई अब सड़क पर आ गई है। तेज प्रताप द्वारा बार-बार तेजस्वी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाना यह संकेत देता है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति और राजद के भीतर बड़े उलटफेर हो सकते हैं।