
उत्तर प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अप्रैल के अंत तक प्रदेश की जनता को देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे की सौगात मिल जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वांचल से जोड़ने वाला यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे अब गाड़ियों की रफ्तार के लिए पूरी तरह तैयार है।राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के संकेतों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल 2026 को इसका भव्य लोकार्पण कर सकते हैं। डॉ. वाजपेयी ने बताया कि जिस तरह पीएम मोदी ने मेरठ को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल (RRTS) जैसे उपहार दिए हैं, अब गंगा एक्सप्रेसवे यूपी की कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा आधार बनेगा।गंगा एक्सप्रेसवे की 3 सबसे बड़ी खासियतें1. 12 घंटे का सफर अब सिर्फ 6 घंटे मेंमेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू तक जाने वाला यह 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे समय की बड़ी बचत करेगा। वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज जाने में 12 से 14 घंटे लग जाते हैं, लेकिन इस एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार के साथ यह दूरी मात्र 6 घंटे में तय की जा सकेगी।2. शाहजहांपुर में एयरस्ट्रिप और बिहार तक विस्तारसामरिक दृष्टि से भी यह एक्सप्रेसवे बेहद महत्वपूर्ण है। शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी (Airstrip) बनाई गई है, जिसका उपयोग भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान आपातकालीन स्थिति में कर सकेंगे। साथ ही, भविष्य में इसे लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए बिहार तक जोड़ने की योजना है, जिससे दिल्ली से बिहार तक की कनेक्टिविटी और भी सुगम हो जाएगी।3. यूपी के 12 जिलों की बदलेगी तस्वीरकरीब 36,000 से 37,000 करोड़ रुपये की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे यूपी के 12 महत्वपूर्ण जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को आपस में जोड़ेगा। इससे न केवल परिवहन आसान होगा, बल्कि इन इलाकों में औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब और पर्यटन को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।औद्योगिक और आर्थिक विकास का नया इंजनमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अप्रैल के भीतर ही इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के किनारे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) विकसित करने की भी योजना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
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