
News India Live, Digital Desk: युद्ध की विभीषिका झेल रहे इज़रायल में अब प्रकृति के एक अजीबोगरीब व्यवहार ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। दक्षिण इज़रायल के नेतिवोत (Netivot) शहर में हज़ारों मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले ने स्थानीय निवासियों को दहशत में डाल दिया है। यह घटना तब सामने आई है जब कुछ ही समय पहले तेल अवीव के आसमान पर हज़ारों कौवों का मंडराना चर्चा का विषय बना था। सोशल मीडिया पर वायरल इन वीडियो के बाद अब लोग इसे ‘ईश्वरीय संकेत’ और धार्मिक भविष्यवाणियों से जोड़कर देख रहे हैं।नेतिवोत में हज़ारों मधुमक्खियों का धावा: घरों में कैद हुए लोगदक्षिणी इज़रायल के नेतिवोत शहर से आई तस्वीरों में हज़ारों मधुमक्खियां कारों, दुकानों और इमारतों पर लिपटी नज़र आ रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को निवासियों को घरों के अंदर रहने और खिड़की-दरवाजे बंद रखने की एडवाइज़री जारी करनी पड़ी। रिपोर्ट्स के अनुसार, मधुमक्खियों के इस झुंड ने इज़रायली वायुसेना के कुछ विमानों को भी घेर लिया, जिससे सैन्य परिचालन में भी बाधा आई। इज़रायली अधिकारी अब इन मधुमक्खियों के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं।बाइबिल की ‘भविष्यवाणी’ और ‘ईसाई 7:18’ का ज़िक्रमधुमक्खियों के इस हमले को लेकर इंटरनेट पर बाइबिल की भविष्यवाणियों की चर्चा तेज़ है। नेटिज़न्स बाइबिल की आयत ‘ईसाई 7:18’ (Isaiah 7:18) का हवाला दे रहे हैं, जिसमें कहा गया है:”उस दिन भगवान मिस्र की नील डेल्टा से मक्खियों और असीरिया की भूमि से मधुमक्खियों को बुलाएंगे।”युद्ध और अशांति के बीच इज़रायल में इन जीवों का इस तरह प्रकट होना कई लोगों के लिए किसी पौराणिक घटना जैसा महसूस हो रहा है।कुरान की ‘सूरह अल-अराफ़’ और ईश्वरीय दंड की चर्चावहीं, सोशल मीडिया पर कुरान की ‘सूरह अल-अराफ़’ (अध्याय 7, आयत 133) का भी ज़िक्र किया जा रहा है। इस आयत में अल्लाह द्वारा भेजे गए संकेतों का वर्णन है:“तो हमने उन पर बाढ़, टिड्डियों, जुओं, मेंढकों और खून को स्पष्ट निशानियों के तौर पर भेजा, लेकिन वे अहंकारी बने रहे और वे एक अपराधी कौम थे।”विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूज़र्स का मानना है कि इज़रायल जिस तरह से संघर्षों में उलझा हुआ है, ऐसे में कौवों और अब मधुमक्खियों का यह हमला किसी बड़े बदलाव या प्राकृतिक चेतावनी का संकेत हो सकता है।कौवों के बाद मधुमक्खियां: क्या ये तबाही की दस्तक है?मार्च के अंत में इज़रायल के तेल अवीव में हज़ारों कौवों का जमावड़ा देखा गया था, जिसे यहूदी परंपराओं में भी अशुभ माना जाता है। इज़रायल-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे भीषण युद्ध के बीच इन प्राकृतिक घटनाओं ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। जहाँ वैज्ञानिक इसे ‘माइग्रेशन’ या मौसम में बदलाव का परिणाम मान सकते हैं, वहीं धार्मिक अनुयायी इसे युद्ध के मैदान में ‘ईश्वरीय हस्तक्षेप’ के तौर पर देख रहे हैं।
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