News India Live, Digital Desk: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून इन दिनों अपनी खूबसूरती से ज्यादा अपने ‘ट्रैफिक जाम’ के लिए चर्चा में है। सोशल मीडिया पर एक यात्री द्वारा शेयर किए गए वीडियो ने नई दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिया है। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक यात्री एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से देहरादून की सीमा तक तो मात्र 2-2.5 घंटे में पहुँच गया, लेकिन आशारोड़ी चेकपोस्ट से शहर के मुख्य हिस्से (राजपुर रोड) तक पहुँचने में उसे और 2 घंटे लग गए।1. एक्सप्रेसवे का ‘मजा’ और शहर का ‘सजा’वायरल वीडियो में यात्री अपना दर्द बयां करते हुए कहता है कि “हाईवे तो वर्ल्ड क्लास बन गया है, लेकिन शहर के भीतर की सड़कें वही पुरानी और संकरी हैं।”आशारोड़ी से जाम की शुरुआत: जैसे ही वाहन एक्सप्रेसवे से उतरकर शहर की सीमा में प्रवेश करते हैं, आशारोड़ी, आईएसबीटी (ISBT) और निरंजनपुर मंडी के पास वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।बॉटलनेक (Bottleneck): हाईवे पर गाड़ियाँ 100 किमी/घंटा की रफ्तार से आती हैं, लेकिन शहर में घुसते ही उनकी गति 5 किमी/घंटा रह जाती है।2. पर्यटन सीजन में बढ़ी मुश्किलअप्रैल का महीना शुरू होते ही मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए पर्यटकों का तांता लग गया है।वीकेंड का दबाव: शनिवार और रविवार को स्थिति और भी भयावह हो जाती है। एक्सप्रेसवे की वजह से दिल्ली-एनसीआर के पर्यटकों की संख्या में 40% की वृद्धि हुई है, लेकिन देहरादून शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर इस दबाव को झेलने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है।स्मार्ट सिटी के काम: शहर के कई हिस्सों में ‘स्मार्ट सिटी’ के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों ने कोढ़ में खाज का काम किया है।3. वायरल वीडियो पर जनता की प्रतिक्रियाX (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर वायरल इस वीडियो पर लोग जमकर कमेंट्स कर रहे हैं:एक यूजर ने लिखा, “देहरादून अब पहाड़ों की रानी का प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि ट्रैफिक का जंक्शन बन गया है।”स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब उन्हें अपने ही शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए घंटों पहले निकलना पड़ता है।4. क्या है समाधान?यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक्सप्रेसवे बनाना काफी नहीं है:रिंग रोड की जरूरत: शहर के भीतर के ट्रैफिक को बाईपास करने के लिए रिंग रोड का काम तेजी से पूरा करना होगा।पार्किंग और एन्क्रोचमेंट: सड़कों किनारे अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को हटाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
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