News India Live, Digital Desk: कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में अपनी जान गंवाने वाले एकमात्र कश्मीरी नागरिक आदिल हुसैन की बहादुरी की दास्तां अब हर जुबान पर है। चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आदिल ने मौत के सामने घुटने टेकने के बजाय आतंकियों का डटकर मुकाबला किया। उसकी यह शहादत न केवल घाटी के साहस को बयां कर रही है, बल्कि आतंकियों के नापाक मंसूबों पर करारा तमाचा भी है।मौत के सामने नहीं डगमगाए कदम, सीने पर खाई गोलीपहलगाम के उस खौफनाक मंजर को याद कर आज भी लोगों की रूह कांप जाती है। जब आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू की, तो अफरा-तफरी मच गई। लेकिन आदिल हुसैन ने भागने के बजाय आतंकियों को रोकने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि आदिल निहत्थे ही हमलावरों से भिड़ गए ताकि वहां मौजूद अन्य निर्दोष लोगों को बचाया जा सके। इस मुठभेड़ में आतंकियों ने उन्हें बेहद करीब से निशाना बनाया, जिससे वह वीरगति को प्राप्त हुए।परिवार में मातम, पर बेटे की बहादुरी पर गर्वआदिल हुसैन के घर पर इस समय मातम पसरा है, लेकिन उनके पिता और परिजनों की आंखों में आंसू के साथ-साथ एक गर्व की चमक भी है। उनके करीबियों का कहना है कि आदिल हमेशा से ही निडर स्वभाव का था। वह कश्मीर में अमन-चैन का समर्थक था और आतंकियों की कायराना हरकतों से कभी नहीं डरता था। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने भी आदिल के इस साहसी कदम की सराहना की है, जिसने कई अन्य जिंदगियों को बचाने में मदद की।घाटी में सुरक्षा सख्त, आतंकियों की तलाश जारीइस कायराना हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आदिल की शहादत बेकार नहीं जाएगी और इस हमले के पीछे शामिल आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। कश्मीर के स्थानीय लोग भी आदिल के सम्मान में एकजुट नजर आ रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दे रहे हैं।
UK News