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‘बर्नर फोन’ के भरोसे अमेरिकी अफसर! नेतन्याहू पर अब ट्रंप को भी नहीं रहा भरोसा? इजरायल में जासूसी के खौफ से मचा हड़कंप

'बर्नर फोन' के भरोसे अमेरिकी अफसर! नेतन्याहू पर अब ट्रंप को भी नहीं रहा भरोसा? इजरायल में जासूसी के खौफ से मचा हड़कंप

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने अमेरिका और इजरायल के मजबूत रिश्तों पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हमेशा एक-दूसरे के सबसे पक्के मददगार माने जाने वाले इन दोनों देशों के बीच अब अंदरूनी तौर पर अविश्वास की खाई गहरी होती दिख रही है। ताजा घटनाक्रम में इजरायल के दौरे पर पहुंचे शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों द्वारा अत्यधिक सुरक्षित और सीक्रेट 'बर्नर फोन' (डिसपोजेबल फोन) का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इस कदम के बाद वैश्विक मंच पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब अपने सबसे करीबी दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू पर भरोसा नहीं रहा।

अमेरिकी अफसरों को आखिर क्यों सता रहा जासूसी का डर वाशिंगटन और यरूशलेम के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह कदम बेहद अप्रत्याशित माना जा रहा है। आमतौर पर मित्र देशों के दौरे पर अधिकारी सामान्य सुरक्षित संचार माध्यमों का उपयोग करते हैं, लेकिन इजरायल में अमेरिकी खुफिया और राजनयिक अधिकारियों द्वारा बर्नर फोन का इस्तेमाल करना यह साफ संकेत देता है कि उन्हें अपनी बेहद संवेदनशील बातचीत के लीक होने या उसकी निगरानी किए जाने का तगड़ा अंदेशा है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इजरायली खुफिया तंत्र उनके डिजिटल उपकरणों को हैक कर सकता है या उनकी जासूसी कर सकता है।

बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों में आई खटास इस पूरे वाकये को डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हाल के दिनों में बदले समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। एक समय था जब दोनों नेताओं की दोस्ती की मिसालें दी जाती थीं, लेकिन हालिया रणनीतिक फैसलों और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन अब इजरायली लीडरशिप की हर चाल को पूरी तरह भरोसेमंद नहीं मान रहा है, यही वजह है कि अमेरिकी प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है और अपनी गोपनियता को लेकर किसी भी स्तर का समझौता नहीं करना चाहता।

क्या होता है बर्नर फोन और इस दौरे पर इसकी क्या है अहमियत बर्नर फोन मूल रूप से ऐसे मोबाइल उपकरण होते हैं जिन्हें बेहद कम समय के लिए इस्तेमाल किया जाता है और काम पूरा होने के बाद उन्हें नष्ट या डिस्कार्ड कर दिया जाता है। इन फोन्स को ट्रैक करना या इनके जरिए किसी यूजर की परमानेंट डिजिटल प्रोफाइलिंग करना नामुमकिन के बराबर होता है। इजरायल जैसे तकनीकी रूप से महाशक्तिशाली देश में, जहां पेगासस जैसे खतरनाक स्पाइवेयर और जासूसी सॉफ्टवेयर बनाए गए हैं, वहां अमेरिकी अधिकारियों द्वारा इस स्तर की सावधानी बरतना यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच परदे के पीछे सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।