Thursday , June 11 2026

अमेरिका में देसी आमों की मची भारी लूट, 1900 रुपये में मिल रहे सिर्फ 4 आम; फिर भी लंगड़ा

अमेरिका में देसी आमों की मची भारी लूट, 1900 रुपये में मिल रहे सिर्फ 4 आम; फिर भी लंगड़ा

गर्मियों का सीजन आते ही भारत में आमों की बहार आ जाती है, लेकिन इस बार भारतीय आमों का जादू अमेरिकी नागरिकों और वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिका के बड़े-बड़े सुपरमार्केट्स और ग्रोसरी स्टोर्स में भारतीय आमों की खेप पहुंचते ही उनके दीवाने खरीदार दुकानों पर उमड़ पड़े हैं। अमेरिकी बाजारों में इस समय भारतीय आमों की भारी मांग देखी जा रही है, जिससे वहां एक तरह की होड़ मची हुई है। लोग भारत से आने वाले इस खास मौसमी फल का स्वाद चखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। यह लोकप्रियता दर्शाती है कि भारतीय आमों की मिठास और खुशबू का मुकाबला दुनिया का कोई दूसरा फल नहीं कर सकता।

आसमान छू रहे हैं दाम, 1900 रुपये में सिर्फ 4 आम फिर भी क्रेज बरकरार अगर आप सोच रहे हैं कि अमेरिका में आम भारत की तरह ही सामान्य कीमतों पर मिल रहे हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। अमेरिका में इस समय भारतीय आमों की कीमत आसमान छू रही है। वहां के स्टोर्स में लंगड़ा, केसर और दशहरी जैसी प्रीमियम वैरायटी के केवल 4 आमों का एक छोटा सा बॉक्स लगभग 22 से 25 डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 1900 रुपये से अधिक में बिक रहा है। इतनी मोटी रकम वसूलने के बावजूद स्टोर्स में आमों का स्टॉक आते ही कुछ ही घंटों में साफ हो जा रहा है। महंगे दाम भी आम प्रेमियों के कदम पीछे नहीं खींच पा रहे हैं और लोग खुशी-खुशी अपनी जेब ढीली कर रहे हैं।

लंगड़ा, केसर और दशहरी के मोह में खिंचे आ रहे लोग, विदेशी भी हुए दीवाने भारतीय प्रवासियों के लिए जहां यह आम वतन की यादों और स्वाद से जुड़ने का एक जरिया है, वहीं अब अमेरिकी नागरिक भी इसके स्वाद के कायल हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश का मशहूर दशहरी, बिहार और यूपी का पसंदीदा लंगड़ा और गुजरात का सुप्रसिद्ध केसर आम अपनी अनूठी मिठास और बेहतरीन स्वाद के कारण सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। कड़े अमेरिकी कृषि और गुणवत्ता मानकों (USDA) से गुजरकर पहुंचे इन आमों की शेल्फ लाइफ और फ्रेशनेस इतनी लाजवाब है कि लोग मैक्सिकन और अन्य देशों के आमों को छोड़कर भारतीय आमों को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इसकी मांग और अधिक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।