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कौन है सरदार अमन खान, जिसकी एक हुंकार पर PoK में सड़क पर उतरे 1.5 लाख कश्मीरी, जनरल मुनीर की जल्लाद फौज भी टेक रही घुटने

कौन है सरदार अमन खान, जिसकी एक हुंकार पर PoK में सड़क पर उतरे 1.5 लाख कश्मीरी, जनरल मुनीर की जल्लाद फौज भी टेक रही घुटने

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस समय हालात पूरी तरह से बेकाबू हो चुके हैं और इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है। पाकिस्तान सरकार के अत्याचारों, बेतहाशा महंगाई और आटे-बिजली के संकट के खिलाफ पीओके की जनता ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। इस पूरे ऐतिहासिक जनांदोलन के पीछे जिस एक शख्स का नाम सबसे प्रमुखता से उभरकर सामने आया है, वह है सरदार अमन खान। सरदार अमन खान पीओके में इस समय एक ऐसे कद्दावर जननायक बनकर उभरे हैं, जिनकी सिर्फ एक आवाज पर डेढ़ लाख से ज्यादा आक्रोशित कश्मीरी पाकिस्तानी हुकूमत और वहां की फौज के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर की क्रूर और जल्लाद मानी जाने वाली फौज भी इस भारी जनसैलाब को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।

जानिए कौन है पाकिस्तान की नाक में दम करने वाला सरदार अमन खान

सरदार अमन खान पीओके की अवाम के अधिकारों के लिए लड़ने वाले एक बेहद मुखर और निडर नेता हैं। उन्होंने लंबे समय से पाकिस्तानी सेना द्वारा स्थानीय लोगों पर किए जा रहे अत्याचारों और संसाधनों की लूट के खिलाफ आवाज उठाई है। पीओके में सक्रिय 'अवामी एक्शन कमेटी' और स्थानीय जनसंगठनों के नेतृत्व में अमन खान ने वहां के युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों को एकजुट करने का काम किया है। कश्मीरी जनता उन्हें एक ऐसे रहनुमा के तौर पर देख रही है जो सीधे पाकिस्तानी सेना की आंखों में आंखें डालकर उनके हक की बात करता है। यही वजह है कि जब सरकार ने उन्हें दबाने या डराने की कोशिश की, तो पूरी घाटी में उनके समर्थन में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

मुनीर की जल्लाद फौज और दमनकारी नीतियां भी पड़ीं पस्त

पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने इस आंदोलन को कुचलने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए, अंधाधुंध लाठीचार्ज हुआ और कई इलाकों में सीधी फायरिंग भी की गई, लेकिन सरदार अमन खान के आह्वान पर जुटे डेढ़ लाख लोगों के हौसले के आगे जनरल मुनीर की बंदूकें भी शांत पड़ गईं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि वे अब पाकिस्तानी फौज के इस 'जल्लाद' रवैये को और बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई जगहों पर पाकिस्तानी रेंजरों और पुलिसकर्मियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि अब पीओके पर पाकिस्तान का नियंत्रण कमजोर हो रहा है।

भारत में विलय और पाकिस्तान से पूरी आजादी की उठ रही मांग

इस महा-आंदोलन की सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह है कि सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी अब सिर्फ आटे और बिजली पर सब्सिडी की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे खुलेआम पाकिस्तान से आजादी के नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर भारत के समर्थन में और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर विकास की मांग के वीडियो भी सामने आ रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरदार अमन खान के नेतृत्व में खड़ा हुआ यह जनसैलाब आने वाले दिनों में पाकिस्तान के भूगोल को बदलने की ताकत रखता है। यदि इस्लामाबाद ने दमन का रास्ता नहीं छोड़ा, तो यह आंदोलन पाकिस्तान के पूरी तरह से टूटने का सबब बन सकता है।