
बिहार के प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा बयान दे दिया। गया में आयोजित एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अफसरों को दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए कहा कि बिहार के विकास के लिए अब अधिकारियों को दिन में कम से कम 20 घंटे काम करना होगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी ऐतिहासिक मंच से उन्होंने गया वासियों के लिए खुशियों का पिटारा खोलते हुए 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर (एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर) की सौगात दी। सरकार के इस कदम से पूरे मगध क्षेत्र के युवाओं में रोजगार और तकनीक को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
अफसरशाही पर सम्राट चौधरी का करारा प्रहार और कड़ा रुख गया के विकास कार्यों की समीक्षा और नए प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास के दौरान उपमुख्यमंत्री का रुख अधिकारियों के प्रति बेहद आक्रामक नजर आया। उन्होंने साफ कहा कि बिहार अब सुस्ती की रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकता। जनता के काम समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए और फाइलों को अटकाने की पुरानी आदत को अफसरों को तुरंत छोड़ना होगा। सम्राट चौधरी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो अधिकारी 20 घंटे काम करने की मानसिक और शारीरिक क्षमता नहीं रखते या जिनके कारण योजनाएं लेट हो रही हैं, उनके खिलाफ सरकार बेहद कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
गया को मिला 200 करोड़ का टेक्नोलॉजी सेंटर, बदल जाएगी मगध की सूरत इस दौरे की सबसे बड़ी हाइलाइट गया को मिला 200 करोड़ रुपये का मेगा टेक्नोलॉजी सेंटर रहा। इस सेंटर की स्थापना से गया और उसके आसपास के जिलों के हजारों युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस सेंटर में आधुनिक मशीनरी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टूल मेकिंग से जुड़े उन्नत कोर्स कराए जाएंगे। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट गया को बिहार के एक नए इंडस्ट्रियल और एजुकेशनल हब के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय कारोबारियों और एमएसएमई सेक्टर को भी इससे भारी बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को मिलेगा बंपर रोजगार और पलायन पर लगेगी लगाम बिहार में युवाओं का पलायन हमेशा से एक बहुत बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा रहा है। इस टेक्नोलॉजी सेंटर के शिलान्यास के मौके पर सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य लक्ष्य बिहार के हुनरमंद युवाओं को उनके अपने घर में ही रोजगार मुहैया कराना है। इस 200 करोड़ के प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। युवाओं को अब तकनीकी शिक्षा और बड़ी कंपनियों में प्लेसमेंट पाने के लिए दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे बिहार के आर्थिक ढांचे में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
गया के विकास के लिए सरकार का मास्टर प्लान और स्थानीय राजनीति धार्मिक और पर्यटन नगरी के रूप में विश्व विख्यात गया जी को अब औद्योगिक मानचित्र पर चमकाने के लिए सरकार एक विशेष मास्टर प्लान पर काम कर रही है। सम्राट चौधरी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर सड़कों के चौड़ीकरण, कानून व्यवस्था की स्थिति और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सम्राट चौधरी का यह आक्रामक और विकासवादी रुख आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त करने और जमीन पर काम दिखाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
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