
जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने जमीन पर कड़ा मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खुद भारी पुलिस बल के साथ माता वैष्णो देवी के मुख्य यात्रा मार्ग पर पैदल गश्त (पेट्रोलिंग) करने उतर गए। बाणगंगा से लेकर भवन तक के संकरे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर अधिकारियों को इस तरह पैदल चलते देख हर कोई हैरान रह गया, लेकिन इस औचक कदम का श्रद्धालुओं की सुरक्षा से बेहद सीधा और गहरा कनेक्शन है।
सुरक्षा व्यवस्था का लाइव रियल्टी चेक और खुफिया इनपुट
एसएसपी की इस पैदल पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का जमीनी स्तर पर जायजा लेना था। पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट और आगामी त्योहारों व छुट्टियों के सीजन में बढ़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। एसएसपी ने कटरा, अर्धकुंवारी, सांझीछत और मुख्य भवन के आसपास तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता को खुद परखा और उन्हें 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं से सीधा संवाद और फीडबैक की अनोखी पहल
इस पैदल मार्च के दौरान सबसे खास बात यह रही कि एसएसपी केवल सुरक्षा नहीं जांच रहे थे, बल्कि वे रास्ते में रुक-रुककर देशभर से आए श्रद्धालुओं से सीधा संवाद भी कर रहे थे। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी, असुविधा या किसी संदिग्ध गतिविधि का सामना तो नहीं करना पड़ा। पुलिस के इस दोस्ताना और सुरक्षात्मक रवैये से श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ा और उन्होंने इस पहल की जमकर तारीफ की।
संदिग्धों पर पैनी नजर और चप्पे-चप्पे पर आधुनिक निगरानी
वैष्णो देवी यात्रा मार्ग और कटरा के आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पैदल गश्त के दौरान एसएसपी ने यात्रा मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों, आरएफआईडी (RFID) ट्रैकिंग सिस्टम और एंट्री पॉइंट्स पर चेकिंग की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों, टट्टू-पालकियों वालों और गाइडों को भी सख्त हिदायत दी कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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