
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं के लाखों छात्र-छात्राओं के हित में एक बेहद क्रांतिकारी और बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों के बाद री-इवैल्युएशन यानी पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में जिन छात्रों के नंबरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था और उन्हें 'नो चेंज' (No Change) का रिजल्ट मिला था, उन्हें अब निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सीबीएसई ने ऐसे सभी छात्रों को अपनी कॉपियों की जांच से पूरी तरह संतुष्ट करने के लिए एक बेहद अनूठा और पारदर्शी मौका देने का ऐलान किया है। इस नए ऐतिहासिक फैसले के तहत अब छात्र खुद संबंधित बोर्ड ऑफिस जाकर विशेषज्ञों की मौजूदगी में अपनी आंसर शीट को करीब से देख और जांच सकेंगे।
री-इवैल्युएशन प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए बोर्ड का बड़ा कदम
सीबीएसई के इस कदम को स्कूली शिक्षा व्यवस्था और मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बहुत बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है। आमतौर पर देखा गया है कि री-इवैल्युएशन के बाद भी कई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होते और उनके मन में कॉपियों की चेकिंग को लेकर कई तरह के संदेह रह जाते हैं। दिल्ली, प्रयागराज, मुंबई, बेंगलुरु और पटना जैसे देश के विभिन्न रीजनल सेंटर्स के अंतर्गत आने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों और अभिभावकों ने बोर्ड के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। इस नई व्यवस्था से छात्रों का बोर्ड के प्रति भरोसा और ज्यादा मजबूत होगा।
जानिए कैसे मिलेगा बोर्ड ऑफिस में आंसर शीट देखने का मौका
सीबीएसई द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन छात्रों ने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन किया था और उनके परिणाम में कोई अंक नहीं बढ़े यानी 'नो चेंज' रहा, वे अब एक निश्चित प्रक्रिया के तहत बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) में उपस्थित होने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। वहां छात्रों को उनकी मूल उत्तर पुस्तिका दिखाई जाएगी। छात्र यह खुद देख सकेंगे कि उनके किस प्रश्न का मूल्यांकन किस तरह किया गया है और क्या किसी प्रश्न को जांचने में कोई तकनीकी चूक तो नहीं रह गई है। इस दौरान बोर्ड के विषय विशेषज्ञ भी वहां मौजूद रहेंगे जो छात्रों की शंकाओं का समाधान करेंगे।
कॉपियों की हार्ड कॉपी जांचने के नियम और तारीखों का रखें खास ख्याल
इस विशेष सुविधा का लाभ उठाने के लिए सीबीएसई जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत टाइमलाइन और गाइडलाइन जारी करने जा रहा है। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों को इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए एक निर्धारित समय सीमा के भीतर ही रजिस्ट्रेशन करना होगा। यह सुविधा केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगी जिन्होंने पुनर्मूल्यांकन के सभी चरणों का पहले चरणबद्ध तरीके से पालन किया है। बोर्ड का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद छात्रों को अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके समय तथा पैसे दोनों की बड़ी बचत होगी।
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