Monday , June 22 2026

US Iran Peace Talks Switzerland : बीच में छोड़ी बैठक, फोटो सेशन का बायकॉट; शहबाज-मुनीर के चेहरे की उड़ी हवाइयां

स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में मिडिल ईस्ट संकट (Middle East Crisis) को सुलझाने के लिए चल रही अमेरिका-ईरान की हाई-लेवल शांति वार्ता सोमवार (22 जून) को एक बेहद तनावपूर्ण और नाटकीय मोड़ पर पहुंच गई। वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को स्थिर करने के उद्देश्य से बुलाई गई यह महाबैठक देर रात तक चली मैराथन चर्चा के बाद कूटनीतिक भंवर में फंसती नजर आ रही है। न्यूज एजेंसी एएफपी (AFP) को एक अमेरिकी राजनयिक से मिली जानकारी के अनुसार, रात भर चलने वाली इस बातचीत में देर रात एक ऐसा भारी हंगामा हुआ कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल बीच में ही बैठक छोड़कर बाहर निकल गया।

ट्रंप के एक बयान से भड़का ईरान, कूटनीतिक महामंथन में पड़ा खलल

वैश्विक शांति की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने तेहरान के अधिकारियों को पूरी तरह भड़का दिया। ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि वह लेबनान में सक्रिय संगठन हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायल पर किए जा रहे हमलों का समर्थन करना तुरंत बंद करे, अन्यथा उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप की इस सीधी धमकी से नाराज ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ देर के लिए वार्ता की टेबल से उठकर बाहर चला गया। हालांकि, राजनयिक सूत्रों का कहना है कि यह ऐतिहासिक शांति वार्ता अभी पूरी तरह से खत्म या रद्द नहीं हुई है। दोनों देशों के बीच पहले से तय किए गए 60 दिनों के कूटनीतिक रोडमैप के तहत पर्दे के पीछे विचार-विमर्श और संवाद का सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।

कैमरों में कैद हुए वैश्विक नेताओं के हाव-भाव, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट के कूटनीतिक गलियारों में सोमवार सुबह कुछ ऐसे दृश्य देखने को मिले, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में शामिल विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की गतिविधियां, उनके आपसी व्यवहार और शरीर की भाषा (Body Language) कैमरों में कैद हो गई, जिसके वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं:

  • ईरानी डेलीगेशन का कड़ा रुख: बैठक में शामिल ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी रुख के विरोध में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की सबसे अहम औपचारिकता यानी 'सामूहिक फोटो सत्र' (Group Photo Session) का पूरी तरह से बायकॉट (बहिष्कार) कर दिया। वे बिना ग्रुप तस्वीर खिंचवाए ही कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। हालांकि इसका कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन इसे एक कड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

  • कतर के मंत्री ने दिखाई बेरुखी: रिपोर्टों और वायरल वीडियो के अनुसार, कतर के एक बेहद वरिष्ठ मंत्री और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के बीच औपचारिक अभिवादन (Handshake) को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। कतरी मंत्री द्वारा अमेरिकी उपराष्ट्रपति से दूरी बनाए रखने की घटना ने कूटनीतिक तनाव को और स्पष्ट कर दिया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के चेहरे की उड़ी हवाइयां

इस पूरी शांति वार्ता में खुद को एक बड़े मध्यस्थ या बिचौलिये के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को इस हंगामे से भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। बैठक के दौरान जब कतर के मंत्री ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति से हाथ मिलाने से संकोच किया और ईरानी डेलिगेशन मीटिंग रूम से बाहर चला गया, तब वहां मौजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके शक्तिशाली सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) जनरल आसिम मुनीर के चेहरों का रंग उड़ गया।

तस्वीरों और वीडियो में दोनों पाकिस्तानी दिग्गज बेहद असहज और तनावग्रस्त नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स पाकिस्तानी हुक्मरानों की इस स्थिति पर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर पाकिस्तान की एक और 'असफल मध्यस्थता' के रूप में देख रहे हैं।