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ये वतन हमारा है… PoK में कश्मीरियों का महा-गदर, मुनीर की आर्मी को मिला 24 घंटे का खुला अल्टीमेटम

पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से इस वक्त एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। नियंत्रण रेखा (LoC) के उस पार बसे मुजफ्फराबाद, पुंछ और मीरपुर समेत कई इलाकों में कश्मीरी जनता ने पाकिस्तानी हुकूमत और वहां की फौज के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। "ये वतन हमारा है, इसका फैसला हम करेंगे" के नारों के साथ लाखों की तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इस बड़े जन-आंदोलन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय नेताओं ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर की सेना को 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दे दिया है। पीओके में भड़के इस जबरदस्त गदर ने इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय तक हड़कंप मचा दिया है।

आखिर क्यों सुलग उठा PoK और क्यों भड़की कश्मीरी जनता

वरिष्ठ पत्रकारों और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक मामलों के जानकारों के मुताबिक, पीओके में यह गुस्सा अचानक नहीं भड़का है, बल्कि यह सालों से हो रहे दमन और सौतेले व्यवहार का नतीजा है। स्थानीय कश्मीरी जनता पिछले काफी समय से आटे की किल्लत, आसमान छूती महंगाई, भारी-भरकम बिजली बिलों और बुनियादी अधिकारों के हनन को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थी। लेकिन पाकिस्तानी रेंजर्स और फौज ने जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले छोड़े, तो यह आंदोलन हिंसक विद्रोह में बदल गया। अब पीओके के नागरिकों का साफ कहना है कि उनके संसाधनों की लूट बहुत हो चुकी, अब वे पाकिस्तान के अवैध कब्जे को और बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मुनीर की फौज को 24 घंटे का अल्टीमेटम और आर-पार की जंग

पीओके की कोर कमेटी और स्थानीय अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि अगर अगले 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार किए गए स्थानीय युवाओं को रिहा नहीं किया गया और भारी सैन्य तैनाती को वापस नहीं बुलाया गया, तो वे पूरे खित्ते का चक्का जाम कर देंगे। कश्मीरी प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों को घेरना शुरू कर दिया है और कई जगहों पर पाकिस्तानी झंडे हटाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि पाकिस्तानी सेना के जवानों को पीछे हटना पड़ रहा है। इस अल्टीमेटम के बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है और किसी बड़े सैन्य टकराव की आशंका बनी हुई है।

नई दिल्ली की पैनी नजर और वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की किरकिरी

पीओके में चल रहे इस गदर पर भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की भी पैनी नजर बनी हुई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पीओके की जनता अब खुलकर यह समझ चुकी है कि भारत के जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से विकास, शांति और खुशहाली लौट रही है, उसके ठीक उलट पाकिस्तान उन्हें सिर्फ भुखमरी और कंगाली दे रहा है। सोशल मीडिया पर भी 'PoK Wants Freedom' ट्रेंड कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के उस प्रोपेगैंडा की हवा निकल गई है जो वह कश्मीर को लेकर हमेशा अलापता रहता है। अब देखना यह है कि जनरल असीम मुनीर की आर्मी इस 24 घंटे के अल्टीमेटम का सामना कैसे करती है या फिर पीओके में आजादी की यह चिंगारी कोई नया इतिहास लिख देती है।