
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। जिले के इगलास कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दो बच्चों की मां (40 वर्ष) पर अपने ही पड़ोस में रहने वाले रिश्ते के एक 17 वर्षीय नाबालिग भतीजे का पिछले ढाई साल से शारीरिक शोषण करने का संगीन आरोप लगा है। हद तो तब हो गई जब लोक-लाज को दरकिनार कर महिला ने भरी पंचायत के सामने खुद को ढाई महीने की गर्भवती बताते हुए दावा किया कि यह बच्चा उसी नाबालिग भतीजे का है और वह अब अपने पति को छोड़कर उसी के साथ रहेगी। किशोर की मां की लिखित शिकायत पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
ब्लैकमेलिंग का खेल: 'रेप केस में फंसा दूंगी' कहकर ढाई साल से कर रही थी शोषण
पीड़ित किशोर ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को जो आपबीती सुनाई, वह बेहद चौंकाने वाली है। नाबालिग के मुताबिक, रिश्ते की यह चाची पिछले ढाई साल से उसे डरा-धमकाकर उसके साथ जबरन अवैध संबंध बना रही थी। महिला उसे लगातार यह खौफनाक धमकी देती थी कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी या घर पर किसी को कुछ भी बताया, तो वह उस पर बलात्कार (रेप) का झूठा केस दर्ज कराकर उसे जिंदगी भर के लिए जेल भिजवा देगी। समाज में बदनामी और जेल जाने के डर से सहमा हुआ नाबालिग इतने दिनों तक चुपचाप इस प्रताड़ना को सहता रहा। लेकिन पानी तब सिर से ऊपर गुजर गया, जब महिला ने उस पर हमेशा के लिए साथ रहने और शादी करने का मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। घबराए किशोर ने रोते हुए अपनी मां को पूरी बात बताई, जिसे सुनकर पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पति सब भूलकर अपनाने को था तैयार, लेकिन पत्नी भतीजे की जिद पर अड़ी रही
मामले की गंभीरता और परिवार की प्रतिष्ठा को देखते हुए इगलास थाने के इंस्पेक्टर डीके सिसौदिया की मौजूदगी में ग्रामीणों ने गांव में एक आपातकालीन पंचायत बुलाई। इस पंचायत में महिला का पति और उसके अन्य ससुराल वाले उसे समझाने की हर संभव कोशिश कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि उसका पति इस घिनौनी सच्चाई के सामने आने के बाद भी बच्चों के भविष्य के लिए उसे माफ कर अपने साथ रखने को राजी हो गया था। लेकिन दो बच्चों की मां किसी की भी बात सुनने या समझने को तैयार नहीं थी। वह सबके सामने जिद पर अड़ गई कि उसका रिश्ता अब अपने पति से खत्म हो चुका है और वह सिर्फ और सिर्फ उस नाबालिग किशोर के साथ ही अपना घर बसाएगी।
भरी पंचायत में कबूला गुनाह— ‘मैं भतीजे के बच्चे की मां बनने वाली हूं’
थाना प्रभारी के मुताबिक, जब पंचायत में उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो महिला ने सरेआम और बिना किसी हिचकिचाहट के यह बात स्वीकार की कि किशोर के साथ बने शारीरिक संबंधों की वजह से वह ढाई महीने की गर्भवती हो चुकी है। वह समाज के किसी भी बंधन को मानने के लिए तैयार नहीं थी। जब पंचायत के तमाम प्रयासों और मान-मनौव्वल का महिला पर कोई असर नहीं हुआ और मामला पूरी तरह से कानून व्यवस्था के दायरे में आ गया, तो पुलिस ने बिना देर किए किशोर की मां की तहरीर (शिकायत) पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
कानून का शिकंजा: पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत महिला भेजी गई जेल
इगलास थाना पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पीड़ित नाबालिग लड़के को मेडिकल परीक्षण और विस्तृत डॉक्टरी जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। वहीं, आरोपी महिला को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया। महिला के खिलाफ नाबालिगों के संरक्षण के लिए बने सख्त कानून पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता की अन्य संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक इस संवेदनशील मामले में बेहद सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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