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हिम्मत को सलाम! NEET में 3 बार फेल, JEE में भी नहीं आई रैंक, फिर भी नहीं मानी हार, अब IIT से पढ़कर बने धाकड़ Data Scientist

कहते हैं कि मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) और इंजीनियरिंग की जेईई (JEE) परीक्षा में असफल होने के बाद अक्सर छात्र पूरी तरह टूट जाते हैं और अपना रास्ता बदल लेते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे जांबाज छात्र की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे तीन बार नीट परीक्षा में असफलता का स्वाद चखा। इसके बाद जब किस्मत आजमाने के लिए जेईई की परीक्षा दी, तो वहां भी निराशा ही हाथ लगी। लेकिन इस युवा ने अपनी हिम्मत और जिद के दम पर ऐसा बाउंस बैक किया कि आज वह देश के नंबर वन संस्थान आईआईटी (IIT) से पढ़ाई पूरी कर एक बेहद सफल और हाई-पेड डेटा साइंटिस्ट (Data Scientist) बन चुका है।

तीन साल का कड़ा संघर्ष और नीट परीक्षा में मिली लगातार नाकामी

मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस होनहार छात्र का सपना शुरुआत में एक डॉक्टर बनने का था। बारहवीं के बाद उसने पूरी शिद्दत से नीट की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, तो उसने हार नहीं मानी और दूसरा ड्रॉप लिया। जब दूसरे और फिर लगातार तीसरे प्रयास में भी कुछ नंबरों से सिलेक्शन रुक गया, तो आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने ताने मारना शुरू कर दिया। मानसिक तनाव और करियर के खत्म होने के डर के बीच उसने महसूस किया कि शायद उसका असली टैलेंट मेडिकल लाइंस के बजाय टेक्नोलॉजी और नंबर्स के खेल में छिपा है।

जेईई की खराब रैंक ने भी नहीं रोका रास्ता, वैकल्पिक मार्ग की खोज

नीट के बाद उसने इंजीनियरिंग की तरफ रुख किया और जेईई (JEE) की परीक्षा दी। लेकिन लंबे समय से बायोलॉजी पढ़ने के कारण मैथ्स पर उतनी मजबूत पकड़ नहीं थी, जिसके चलते जेईई में भी कोई खास रैंक नहीं मिल पाई। दो-दो बड़ी परीक्षाओं में लगातार असफल होने के बाद भी इस छात्र ने खुद पर से भरोसा नहीं उठने दिया। उसने इंटरनेट, करियर गाइडेंस पोर्टल्स और नए जमाने के एजुकेशनल एवेन्यूज को खंगालना शुरू किया और उसे पता चला कि देश के कुछ चुनिंदा आईआईटी (IITs) अब गैर-जेईई (Non-JEE) रूट्स के जरिए भी डेटा साइंस और आधुनिक कोर्सेज में एडमिशन का मौका दे रहे हैं।

आईआईटी (IIT) में एंट्री और नए जमाने की हॉट टेक्नोलॉजी 'डेटा साइंस' पर फोकस

उसने बिना कोई समय गंवाए आईआईटी के विशेष डेटा साइंस एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी की और अपनी मजबूत लॉजिकल क्षमता के बल पर वहां एडमिशन हासिल कर लिया। कैंपस में कदम रखते ही उसने कोडिंग, स्टेटिस्टिक्स, मशीन लर्निंग और पायथन जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं को सीखने में दिन-रात एक कर दिया। जो छात्र कभी बायोलॉजी के डायग्राम्स में उलझा रहता था, उसने एआई (AI) और डेटा मॉडल्स के जटिल एल्गोरिदम को इतनी तेजी से मास्टर किया कि कॉलेज के प्रोफेसर भी दंग रह गए।

असफलता से सफलता का सफर: कोटा से लेकर पटना-लखनऊ के छात्रों के लिए प्रेरणा

इस युवा की यह शानदार कामयाबी आज कोटा, दिल्ली, पटना, लखनऊ और प्रयागराज जैसे देश के बड़े कोचिंग हब्स में पढ़ रहे लाखों निराश छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। करियर काउंसलर्स का कहना है कि यह कहानी साबित करती है कि अगर आप नीट या जेईई जैसी पारंपरिक परीक्षाओं में फेल भी हो जाते हैं, तो भी आपके लिए दुनिया खत्म नहीं होती। आज के टेक-ड्रिवन और एआई के दौर में करियर के सैकड़ों ऐसे नए रास्ते खुल चुके हैं, जहां डिग्रियों से ज्यादा आपकी स्किल्स और मेहनत मायने रखती है। आज यह छात्र न केवल एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर डेटा साइंटिस्ट काम कर रहा है, बल्कि युवाओं को लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।