
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA-TET) 2026 के अचानक स्थगित होने और पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद अब इस पर देश में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। 28 जून को होने वाली इस महा-परीक्षा को महज एक दिन पहले रद्द किए जाने को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली अब पूरी तरह से 'उगाही का सिस्टम' बन चुकी है। राहुल गांधी ने चेताया कि बार-बार होने वाले ये पेपर लीक केवल किसी प्रश्नपत्र का बाहर आना नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों होनहार युवाओं के सुनहरे सपनों की सीधी चोरी है।
राहुल गांधी का 'X' पर फूटा गुस्सा: "हर युवा खुद को महसूस कर रहा असुरक्षित"
भिवंडी में पेपर लीक का भंडाफोड़ होने और परीक्षा स्थगित होने की खबर मिलते ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा:
"एक और पेपर लीक, एक और परीक्षा रद्द! इस बार महाराष्ट्र TET का नंबर है। देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से एक उगाही के सिस्टम में बदल दिया गया है, जिसके कारण आज देश का हर युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यह सिर्फ एक पेपर लीक का सामान्य मामला नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य की सरेआम चोरी है।"
उन्होंने आगे कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लेकर राज्यों के परीक्षा बोर्डों तक, लगातार हो रही ऐसी शर्मनाक घटनाएं वर्तमान सरकार की प्रशासनिक क्षमता और नियत पर बहुत गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
आखिर ऐन वक्त पर 1.82 लाख छात्रों की परीक्षा क्यों टाली गई?
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने शनिवार को एक आपातकालीन आधिकारिक बयान जारी कर इस स्थगन के पीछे की मजबूरियों को सामने रखा। परिषद के मुताबिक, यह परीक्षा रविवार को राज्यभर के कुल 1,028 केंद्रों पर आयोजित की जानी थी, जिसमें 1.82 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के बैठने की व्यवस्था पूरी हो चुकी थी।
प्रशासन ने साफ किया कि परीक्षा को रद्द करने का फैसला छात्रों की सुरक्षा और अंकों की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। इस पूरे मामले की कमान अब एक हाई-लेवल जांच टीम को सौंप दी गई है और नई परीक्षा तिथियों (New Exam Dates) की घोषणा जांच पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।
भिवंडी पुलिस की छापेमारी से हुआ था महा-खुलासा
MSCE द्वारा साझा की गई टाइमलाइन के अनुसार, शनिवार की सुबह खुफिया सूत्रों से एक बेहद पुख्ता और गोपनीय जानकारी मिली थी कि ठाणे के भिवंडी इलाके में कुछ जालसाजों के पास टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गुप्त जानकारी मौजूद है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए भिवंडी पुलिस की स्पेशल टीम ने चिन्हित ठिकानों पर तुरंत छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुछ अनधिकृत प्रश्नपत्र और डिजिटल डॉक्यूमेंट्स बरामद किए। जब परीक्षा परिषद के शीर्ष अधिकारियों ने इन जब्त किए गए सवालों का मिलान तिजोरी में बंद असली परीक्षा के प्रश्नपत्र से किया, तो कई मुख्य सवाल हूबहू मैच हो गए। गोपनीयता पूरी तरह भंग होने के कारण तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर परीक्षा को होल्ड पर रख दिया गया।
NEET की सख्ती भी नहीं आई काम; सुरक्षा चक्र कैसे टूटा?
इस मामले ने इसलिए भी सबको चौंका दिया है क्योंकि परीक्षा परिषद ने खुद स्वीकार किया है कि हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर नीट (NEET 2026) परीक्षा में हुई भारी गड़बड़ियों और देशव्यापी विरोध को देखते हुए इस बार टीईटी के लिए एक्स्ट्रा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल (अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम) लागू किए गए थे।
इन दावों के बावजूद, भिवंडी में जिस तरह परीक्षा से 24 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र बाहर आ गया, उसने पुलिस और खुफिया तंत्र की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। परिषद का कहना है कि वे इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर प्रिंटिंग प्रेस, ट्रेजरी या ट्रांसपोर्टेशन के किस स्तर पर यह सुरक्षा चक्र टूटा है।
अब आगे क्या होगा? अभ्यर्थियों को नई तारीख का इंतजार
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने प्रभावित छात्रों को आश्वासन दिया है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी या सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नए सख्त कानून के तहत त्वरित कार्रवाई होगी।
फिलहाल, सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थी इस राजनीतिक रस्साकशी के बीच एक बार फिर अधर में लटक गए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और परीक्षा परिषद द्वारा जारी की जाने वाली अगली परीक्षा तिथि (Next Exam Schedule) पर टिकी हैं।
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