
भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। अगर आप भी चांदी के गहने खरीदने का प्लान बना रहे हैं या फिर इसमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए आज के ताजा रेट जानना बेहद जरूरी है। मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को देश के अधिकांश राज्यों में चांदी के दाम हरे निशान पर यानी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए, हालांकि राजस्थान के बाजारों में मामूली राहत देखने को मिली है। आइए जानते हैं देश भर के प्रमुख शहरों में आज चांदी का क्या भाव रहा।
देश भर में चांदी के दाम और इस हफ्ते का हाल
आज मंगलवार को देश भर में चांदी के बाजार में तेजी का रुख बना रहा। राष्ट्रीय स्तर पर एक किलोग्राम चांदी का औसत रेट 2,37,200 रुपये दर्ज किया गया, जिसमें कुल 368 रुपये की बढ़त देखने को मिली। अगर इस हफ्ते के शुरुआती दो दिनों पर नजर डाली जाए, तो मात्र दो दिनों के भीतर ही चांदी के भाव में करीब 6,000 रुपये का बड़ा उछाल आ चुका है। इससे पहले सोमवार को चांदी का भाव 5,492 रुपये की भारी-भरकम बढ़त के साथ 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।
दिल्ली, यूपी और बिहार में चांदी की कीमतें
राजधानी दिल्ली के बुलियन मार्केट में एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,37,200 रुपये के आसपास बना हुआ है, जहां आज चांदी में 368 रुपये की तेजी दर्ज की गई। इसके हिसाब से सर्राफा बाजार में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,372 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 23,682 रुपये रहा। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चांदी का दाम 2,38,734 रुपये दर्ज किया गया, जहां आज कीमतों में 8 रुपये की मामूली तेजी रही। इसके अलावा बिहार की राजधानी पटना में चांदी का भाव 2,36,000 रुपये रहा और यहां आज सिल्वर की कीमतों में 166 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
राजस्थान और मुंबई में चांदी का ताजा रुख
राजस्थान के जयपुर में चांदी का भाव 2,36,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा है। देश के बाकी हिस्सों के उलट जयपुर में आज चांदी की कीमतों में 105 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है। दूसरी ओर, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में चांदी का भाव 2,37,076 रुपये प्रति किलोग्राम पर है, जहां आज चांदी के दाम में 8 रुपये की हल्की तेजी देखने को मिली है।
चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे की मुख्य वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी के दाम में लगातार आ रहे इस उछाल के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं। इनमें डॉलर सूचकांक में कमजोरी और वैश्विक स्तर पर इंडस्ट्रियल डिमांड का बढ़ना सबसे अहम है। डॉलर के कमजोर होने से अन्य मुद्राओं में चांदी की खरीद सस्ती हो जाती है, जिससे इसकी मांग में तेजी आती है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल और कई अन्य औद्योगिक उत्पादों में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, जिससे इसकी औद्योगिक मांग हमेशा मजबूत बनी रहती है।
इन तमाम वजहों के अलावा, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता भी कीमती धातुओं को सपोर्ट कर रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी संवेदनशील स्थिति के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के तौर पर चांदी की तरफ तेजी से बढ़ा है। साथ ही, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा रही हैं। फिलहाल बाजार की निगाहें अमेरिका के आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं, जिनका असर आने वाले दिनों में bullion market पर साफ दिखाई देगा।
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