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Amarnath Yatra 2026: 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जम्मू संभाग में हाई अलर्ट; सुरक्षा एजेंसियों का महा-अभियान

बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। इस पावन यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व और ऐतिहासिक स्तर पर मजबूत कर दिया गया है। यात्रा की शुरुआत से ठीक पहले सभी सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया विभाग किसी भी संभावित आतंकी साजिश को नेस्तनाबूद करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर हैं।

आरएस पुरा सेक्टर में बॉर्डर के पास कॉम्बिंग ऑपरेशन, हर संदिग्ध पर नजर

श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) से लेकर मुख्य यात्रा मार्ग तक एक अभेद्य बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा (Multi-Layered Security) तैयार किया गया है। इसी कड़ी में जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील गांवों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने एक व्यापक संयुक्त तलाशी अभियान (Combing Operation) चलाया। सुरक्षा बल हर छोटी-से-छोटी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं ताकि सीमावर्ती इलाकों से सुरक्षा में कोई सेंध न लग सके।

जम्मू संभाग में हाई अलर्ट: खुफिया इनपुट में 45 विदेशी आतंकियों की साजिश का खुलासा

सुरक्षा एजेंसियों को मिले बेहद गोपनीय और गंभीर खुफिया इनपुट्स के बाद पूरे जम्मू संभाग में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में इस समय लगभग 45 विदेशी आतंकवादी सक्रिय हैं, जो पवित्र अमरनाथ यात्रा में खलल डालने या किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। माना जा रहा है कि ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे कुख्यात पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं और सीमा पार बैठे अपने आकाओं के लगातार संपर्क में हैं।

खेतों और खाली मकानों की बारीकी से जांच, स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ

इन्हीं गंभीर सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए आरएस पुरा के सीमावर्ती गांवों के खेतों, बगीचों, सुनसान पड़े पुराने मकानों, नहरों के किनारों और झाड़ियों वाले संवेदनशील ठिकानों की मेटल डिटेक्टरों और खोजी कुत्तों की मदद से बारीकी से तलाशी ली गई। इस तलाशी अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की गई और उनसे अपील की गई कि वे अपने आसपास किसी भी नए या संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या सुरक्षा बलों को सूचित करें।

पुंछ में पाकिस्तानी घुसपैठिया गिरफ्तार, सेना ने नाकाम की नापाक मंशा

सीमा पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गौरतलब है कि 26 जून को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास मुस्तैद भारतीय सेना के जवानों ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी से साफ हो गया है कि अमरनाथ यात्रा को प्रभावित करने के लिए सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं। यही वजह है कि बीएसएफ (BSF) और सेना के जवान अत्याधुनिक ड्रोन, थर्मल इमेजर और नाइट विजन कैमरों के जरिए रात के अंधेरे में भी सीमा पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त तैनाती, यात्रियों के लिए अभेद्य कवच तैयार

पवित्र गुफा की ओर जाने वाले दोनों मुख्य रास्तों और बेस कैंपों पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे डोमिनेशन पेट्रोलिंग, रैंडम वाहन चेकिंग, हाईवे सर्विलांस और खुफिया नेटवर्क को सक्रिय रखा गया है। सरकार और प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को एक पूरी तरह सुरक्षित, भयमुक्त और आध्यात्मिक माहौल प्रदान करना है।