
News India Live, Digital Desk : Ayurvedic Herbs : बचपन की यादें भी कमाल होती हैं, है न? आपको वो पौधा याद है, जिसे छूते ही उसकी पत्तियां शर्माकर या डरकर सिकुड़ जाती थीं? जी हां, हम बात कर रहे हैं ‘छुईमुई’ या ‘लाजवंती’ के पौधे की। हम सबने कभी न कभी खेल-खेल में इसकी पत्तियों को छूकर खूब मजे लिए हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह शर्मीला सा दिखने वाला पौधा सिर्फ एक खेल की चीज नहीं, बल्कि आयुर्वेद की दुनिया का एक ‘खजाना’ है?इसकी पत्तियों से लेकर जड़ों तक, हर हिस्से में ऐसे चमत्कारी औषधीय गुण छिपे हैं, जो बवासीर (Piles) और गठिया (Arthritis) जैसी गंभीर बीमारियों से लेकर सामान्य सर्दी-खांसी तक में राहत दिला सकते हैं। चलिए, आज जानते हैं इस मामूली से दिखने वाले पौधे के 5 अद्भुत फायदों के बारे में, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे।1. बवासीर (Piles) का रामबाण इलाजबवासीर एक बहुत ही तकलीफदेह बीमारी है, जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। आयुर्वेद में लाजवंती के पौधे को इसके इलाज के लिए बहुत कारगर माना गया है।कैसे करें इस्तेमाल: छुईमुई के पत्तों को साफ करके सुखा लें और उनका बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को एक चम्मच दूध में मिलाकर रोजाना सेवन करने से खूनी बवासीर में होने वाली जलन और ब्लीडिंग में काफी राहत मिलती है।2. जोड़ों का दर्द (गठिया) करे दूरबढ़ती उम्र के साथ या ठंड के मौसम में जोड़ों में दर्द और सूजन (अर्थराइटिस) की समस्या आम हो जाती है। छुईमुई के पौधे में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।कैसे करें इस्तेमाल: लाजवंती के पत्तों को पीसकर एक लेप (पेस्ट) बना लें। इस लेप को अपने दर्द वाले जोड़ों पर लगाने से सूजन में कमी आती है और दर्द से आराम मिलता है।3. किसी भी तरह के घाव को जल्दी भरेइस पौधे में अद्भुत हीलिंग प्रॉपर्टीज होती हैं। अगर आपको कोई छोटी-मोटी चोट लग गई है या कहीं कट गया है, तो छुईमुई का पौधा आपकी मदद कर सकता है।कैसे करें इस्तेमाल: इसकी पत्तियों को पीसकर सीधे घाव पर लगाने से खून बहना बंद हो जाता है और घाव जल्दी भरने लगता है। यह एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है।4. दस्त (Diarrhoea) और पेट की समस्याओं में असरदारअगर आपका पेट खराब है या दस्त की समस्या हो रही है, तो छुईमुई का पौधा आपको तुरंत राहत दिला सकता है।कैसे करें इस्तेमाल: इसके पत्तों का रस निकालकर पीने से पेट के इन्फेक्शन में आराम मिलता है और दस्त रुक जाते हैं। कई जगहों पर इसकी जड़ के पाउडर का भी इस्तेमाल किया जाता है।5. खांसी और गले की खराश से छुटकारामौसम बदलने पर खांसी और गले में खराश होना आम बात है। छुईमुई के पानी से गरारे करना एक बहुत ही पुराना और असरदार नुस्खा है।कैसे करें इस्तेमाल: छुईमुई की जड़ों को पानी में उबालकर उस पानी को छान लें। इस पानी से गरारे करने से गले की खराश और खांसी में तुरंत आराम मिलता है।कुछ जरूरी सावधानियांइसमें कोई शक नहीं कि छुईमुई एक चमत्कारी पौधा है, लेकिन इसका औषधीय रूप में इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातें जानना बेहद जरूरी है:डॉक्टर से सलाह लें: किसी भी बीमारी के लिए इसे इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर या किसी अनुभवी आयुर्वेदिक वैद्य से सलाह जरूर लें।गर्भवती महिलाएं बचें: गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।सही पहचान: सुनिश्चित करें कि आप सही छुईमुई के पौधे का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि इससे मिलते-जुलते कई और पौधे भी हो सकते हैं।तो अगली बार जब आपको कहीं छुईमुई का पौधा दिखे, तो उसे सिर्फ बचपन का एक खेल मत समझिएगा। यह प्रकृति का दिया हुआ एक अनमोल तोहफा है, जो हमें स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
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