
News India Live, Digital Desk: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण हंगामेदार मोड़ पर पहुंच गया है। इस बार चर्चा का केंद्र केवल आंकड़े नहीं, बल्कि भारत की विदेश नीति बन गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) पर तीखा हमला बोला है। थरूर ने सरकार की ‘पड़ोसी पहले’ (Neighbor First) नीति और वैश्विक कूटनीति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।शशि थरूर के वार: क्यों भड़के कांग्रेस सांसद?शशि थरूर, जो खुद एक पूर्व राजनयिक रह चुके हैं, ने जयशंकर की कार्यशैली और हालिया विदेश नीति के फैसलों पर असंतोष जताया है। थरूर के मुख्य आरोप निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित हैं:पड़ोसी देशों से बिगड़ते रिश्ते: थरूर ने तर्क दिया कि मालदीव, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों में वो पहले जैसी मजबूती नहीं दिख रही है। उन्होंने चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने में विफलता का मुद्दा उठाया।कूटनीति बनाम हेडलाइंस: थरूर ने आरोप लगाया कि वर्तमान विदेश नीति केवल ‘सुर्खियां’ बटोरने तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) कमजोर हो रही है।बजट आवंटन में कमी: उन्होंने विदेश मंत्रालय के लिए आवंटित बजट पर भी सवाल उठाए और कहा कि वैश्विक महाशक्ति बनने का दावा करने वाले देश के लिए यह निवेश पर्याप्त नहीं है।एस. जयशंकर का ‘कड़क’ जवाबअपनी बेबाक शैली के लिए मशहूर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने थरूर के आरोपों का डटकर मुकाबला किया। जयशंकर ने साफ किया कि आज की कूटनीति ‘पुराने ढर्रे’ पर नहीं चल सकती।”भारत अब दुनिया की सुनता नहीं, बल्कि दुनिया को अपनी सुनाता है। हमारी नीतियां केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दे रही हैं।” – एस. जयशंकरजयशंकर ने रूस-यूक्रेन संकट और मध्य पूर्व (इजरायल-ईरान) तनाव के दौरान भारत की तटस्थ और मजबूत स्थिति का हवाला देते हुए विपक्ष को आईना दिखाया।बजट सत्र 2026: क्या है असली विवाद?दरअसल, बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष सरकार को महंगाई और बेरोजगारी के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख के मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रहा है। थरूर और जयशंकर के बीच की यह वैचारिक जंग इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।जहां थरूर इसे ‘कूटनीतिक विफलता’ कह रहे हैं, वहीं सरकार इसे ‘नए भारत का आत्मविश्वास’ बता रही है। आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की उम्मीद है।
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