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India US Relations : कौन हैं नमग्या सी. खम्पा? ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली भारतीय राजनयिक की पूरी प्रोफाइल

News India Live, Digital Desk: भारत ने पहली बार गाजा के पुनर्निर्माण और शांति के लिए ट्रंप प्रशासन द्वारा बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक में ‘पर्यवेक्षक’ (Observer) के रूप में हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक बैठक में भारत की ओर से वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी नमग्या सी. खम्पा शामिल हुईं।नमग्या सी. खम्पा: करियर और उपलब्धियांबैच: नमग्या सी. खम्पा 2000 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं।वर्तमान पद: फरवरी 2026 तक, वह अमेरिका में भारतीय दूतावास (Washington, DC) में ‘चार्ज डी’एफ़ेयर्स’ (Chargé d’Affaires) और डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के रूप में कार्यरत हैं। राजदूत की अनुपस्थिति में वह मिशन की कमान संभालती हैं।पिछला अनुभव:केन्या और सोमालिया: वह केन्या में भारत की उच्चायुक्त और सोमालिया में राजदूत (2022-2024) रह चुकी हैं।नेपाल: उन्होंने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के रूप में सेवा दी है।चीन: वह दो बार चीन में भारतीय मिशन का हिस्सा रही हैं (2002-2006 और 2013-2016), जिससे उन्हें क्षेत्रीय राजनीति की गहरी समझ है।प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO): 2016 से 2018 के बीच वह पीएमओ में प्रतिनियुक्ति पर थीं।संयुक्त राष्ट्र (UN): उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ क्या है?राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा पट्टी के पुनर्विकास और वहां शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए इस बोर्ड का गठन किया है।उद्देश्य: गाजा में बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और शासन (Governance) की नई व्यवस्था लागू करना।प्रमुख सदस्य: इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं डोनाल्ड ट्रंप हैं। अन्य प्रमुख नामों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जेरेड कुशनर, और विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा शामिल हैं।भारत की भूमिका: भारत अभी इस बोर्ड का पूर्ण सदस्य नहीं है, बल्कि ‘ऑब्जर्वर’ के तौर पर प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है।बैठक की बड़ी बातें (Key Takeaways)ट्रंप का ‘टैरिफ’ वाला दावा: बैठक के दौरान ट्रंप ने फिर से दावा किया कि उन्होंने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था। उन्होंने कहा कि “मैंने दोनों देशों को 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद वे बातचीत की मेज पर आए।”भारत का स्टैंड: भारत ने इस ‘शांति बोर्ड’ में शामिल होने के लिए अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सभी शांति पहलों का स्वागत करता है लेकिन वह अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) के साथ समझौता नहीं करेगा।शहबाज शरीफ की मौजूदगी: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस बैठक में मौजूद थे, जहां ट्रंप ने उन्हें ‘खड़ा होकर सम्मान देने’ के लिए कहा।