Thursday , October 1 2026

Operation Epic Fury: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला! अमेरिकी रक्षा कंपनियों के साथ बैठक के बाद हथियारों का उत्पादन 4 गुना बढ़ाने का आदेश

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को अपनी सैन्य ताकत का अहसास कराया है। शुक्रवार को देश की सबसे बड़ी रक्षा निर्माण कंपनियों (Defense Giants) के प्रमुखों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अब ‘उत्तम श्रेणी’ (Exquisite Class) के हथियारों का उत्पादन 4 गुना बढ़ाएगा। ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ईरान में अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) अपने चरम पर है और मिडिल-ईस्ट में युद्ध की दिशा बदल चुकी है।रक्षा दिग्गजों के साथ ट्रंप की गुप्त रणनीतिडोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट के जरिए इस बैठक की जानकारी साझा की। बैठक में बोइंग, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और रेथियॉन जैसी दिग्गज कंपनियों के CEO शामिल थे।उत्पादन में तेजी: ट्रंप ने बताया कि हथियारों के उत्पादन में बढ़ोतरी की प्रक्रिया 3 महीने पहले ही शुरू कर दी गई थी।मुनिशन सप्लाई: अमेरिका के पास वर्तमान में मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड गोला-बारूद (Munitions) का पर्याप्त भंडार है, जिसका इस्तेमाल ईरान और वेनेजुएला में किया जा रहा है।नए प्लांट्स: पूरे अमेरिका में नए डिफेंस प्लांट्स लगाने के लिए राज्यों के बीच होड़ मची हुई है और कई राज्यों ने इसके लिए बोलियां लगाई हैं।’ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’: 6 हफ्तों में ईरान की कमर तोड़ने का लक्ष्यव्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ‘रोरिंग लायन’ के तहत अमेरिका और इजरायल ने अपने लक्ष्य तय कर लिए हैं।समय सीमा: अमेरिका का दावा है कि अगले 4 से 6 हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर लिया जाएगा।ईरानी एयर डिफेंस ध्वस्त: इजरायली सेना (IDF) के अनुसार, ईरान के 80 प्रतिशत एयर डिफेंस सिस्टम और 60 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए जा चुके हैं। अब ईरान के आसमान पर पूरी तरह से अमेरिकी और इजरायली विमानों का कब्जा है।शहीद सैनिकों का बदला और ईरान का सरेंडरअमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ऑपरेशन के दौरान जान गंवाने वाले 6 अमेरिकी सैनिकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कसम खाई है कि उनकी मौत का बदला लिया जाएगा। ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि ईरान के पास अब केवल ‘बिना शर्त सरेंडर’ (Unconditional Surrender) का विकल्प बचा है और किसी भी प्रकार की नई डील की गुंजाइश खत्म हो चुकी है।बैठक में शामिल प्रमुख कंपनियां और उनका प्रभावकंपनी का नामप्रमुख विशेषज्ञतालॉकहीड मार्टिनफाइटर जेट्स (F-35) और मिसाइल सिस्टम।नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मनस्टील्थ बॉम्बर्स और एयरोस्पेस तकनीक।रेथियॉन ग्रुपएयर डिफेंस मिसाइलें (Patriot) और रडार।बोइंगमिलिट्री एयरक्राफ्ट और सैटेलाइट सिस्टम।BAE सिस्टम्सआर्मर्ड व्हीकल्स और कॉम्बैट सिस्टम।विशेषज्ञों की राय: क्या यह वर्ल्ड वॉर की आहट है?रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का हथियारों का उत्पादन 4 गुना बढ़ाना इस बात का संकेत है कि अमेरिका आने वाले समय में एक बड़े वैश्विक संघर्ष के लिए तैयार हो रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद तेहरान का नेतृत्व बिखर चुका है, जिससे पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन पूरी तरह से अमेरिका के पक्ष में झुक गया है।