News India Live, Digital Desk: आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और बुधवार का दिन है। आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज बुध प्रदोष व्रत का पावन संयोग बन रहा है। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष काल में की गई पूजा विशेष फलदायी होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज का दिन नई शुरुआत और कर्ज मुक्ति के उपायों के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है।आज का पंचांग: मुख्य विवरणतिथि: त्रयोदशी (दोपहर 01:22 तक, उसके बाद चतुर्दशी)।पक्ष: कृष्ण पक्ष।नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (रात 09:45 तक, तत्पश्चात रेवती नक्षत्र)।योग: शुक्ल योग (शाम 05:12 तक, उसके बाद ब्रह्म योग)।करण: वणिज।वार: बुधवार।चंद्र राशि: मीन (पूरा दिन और रात)।सूर्य राशि: मेष।शुभ और अशुभ समय (Muhurat Timings)किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त देखना कल्याणकारी होता है, वहीं राहुकाल के दौरान मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए।विवरणसमय (IST)ब्रह्म मुहूर्तसुबह 04:26 से 05:11 तकअभिजीत मुहूर्तआज कोई नहीं (बुधवार को विशेष रूप से वर्जित)विजय मुहूर्तदोपहर 02:30 से 03:21 तकअमृत कालशाम 05:04 से 06:42 तकराहुकाल (अशुभ)दोपहर 12:21 से 01:57 तकगुलिक कालसुबह 10:45 से 12:21 तकबुध प्रदोष व्रत का महत्व और पूजा विधिआज का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। बुधवार को प्रदोष व्रत होने के कारण इसे ‘बुध प्रदोष’ कहा जाता है। यह व्रत सुख, शांति और ज्ञान की प्राप्ति के लिए किया जाता है।पूजा का समय: शाम 06:47 से रात 09:02 तक का समय शिव आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ है।विशेष उपाय: आज के दिन शिवलिंग पर दूध और जल अर्पित करें। साथ ही भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं, इससे करियर और व्यापार की बाधाएं दूर होती हैं।आज का सूर्योदय और सूर्यास्तसूर्योदय: सुबह 05:56 बजे।सूर्यास्त: शाम 06:47 बजे।
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