
News India Live, Digital Desk: Pickle Recipe : सर्दियों का मौसम आते ही मन पराठे, पूड़ी और गरमागरम खाने की तरफ भागने लगता है। और ऐसे खाने का स्वाद तब तक अधूरा है, जब तक थाली में घर का बना चटपटा अचार न हो! सर्दियों की मीठी-मीठी गाजर और तीखी मूली का अचार तो जैसे इस मौसम की जान होता है। उसका कुरकुरापन और खट्टा-तीखा स्वाद किसी भी बोरिंग खाने में जान डाल देता है।लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर बना अचार या तो बाजार जैसा स्वादिष्ट नहीं बनता, या फिर कुछ ही हफ्तों में खराब होने लगता है। अगर आपकी भी यही परेशानी है, तो चिंता मत कीजिए। आज हम आपको अचार बनाने का वो पारंपरिक और आसान तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आपका गाजर-मूली का अचार न सिर्फ बेहद स्वादिष्ट बनेगा, बल्कि महीनों तक बिल्कुल भी खराब नहीं होगा।अचार के लिए क्या-क्या चाहिए? (सामग्री)मूली:½ किलो (लंबाई में कटी हुई)हरी मिर्च: 10-12 (बीच से चीरा लगी हुई, वैकल्पिक)सरसों का तेल: 1 कपराई (पीली सरसों): 3 बड़े चम्मचसौंफ: 2 बड़े चम्मचमेथी दाना: 1 छोटा चम्मचहल्दी पाउडर: 1 बड़ा चम्मचकश्मीरी लाल मिर्च पाउडर: 1 बड़ा चम्मच (रंग के लिए)तीखी लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच (या स्वादानुसार)हींग:½ छोटा चम्मचनमक: 3-4 बड़े चम्मच (या स्वादानुसार, अचार में नमक थोड़ा ज्यादा ही पड़ता है)कलौंजी (मंगरैल): 1 छोटा चम्मचबनाने का सबसे आसान तरीका (विधि)नमी को कहें ‘बाय-बाय’ (सबसे जरूरी स्टेप): यही वो राज है, जहां ज्यादातर लोग गलती करते हैं। कटी हुई गाजर और मूली को एक साफ सूती कपड़े पर फैलाकर 3-4 घंटे के लिए धूप में रख दें। अगर धूप नहीं है, तो पंखे के नीचे फैला दें। इसका मकसद सब्जियों की सारी नमी को सुखाना है, ताकि अचार जल्दी खराब न हो और कुरकुरा बना रहे।मसालों का जादू: जब तक सब्जियां सूख रही हैं, हम अचार का मसाला तैयार कर लेते हैं। एक पैन को धीमी आंच पर गरम करें और उसमें राई, सौंफ और मेथी दाना डालकर 1-2 मिनट के लिए हल्का सा भून लें (जब तक कि हल्की खुशबू न आने लगे)। अब इन मसालों को ठंडा करके मिक्सी में दरदरा पीस लें। बिल्कुल पाउडर नहीं बनाना है।तेल को पकाएं: एक कड़ाही में सरसों के तेल को तेज आंच पर धुआं उठने तक गरम करें। फिर गैस बंद कर दें और तेल को हल्का ठंडा होने दें (गुनगुना)।सबको एक साथ मिलाएं: अब एक बड़े और बिल्कुल सूखे बर्तन में धूप में सुखाई हुई गाजर, मूली और हरी मिर्च डालें। इसके ऊपर पिसा हुआ मसाला, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, हींग और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।आखिरी étape: अब गुनगुना हो चुका सरसों का तेल इस मिश्रण के ऊपर डालकर सब कुछ एक बार फिर अच्छे से मिला लें, ताकि मसाला सब्जियों पर अच्छी तरह से लिपट जाए।आपका स्वादिष्ट गाजर-मूली का अचार लगभग तैयार है! अब इसे एक साफ और सूखे कांच के जार (बर्नी) में भरकर रख दें। जार का ढक्कन लगाकर इसे 2 से 3 दिनों तक धूप दिखाएं। धूप में रखने से अचार जल्दी पकता है और उसका स्वाद भी बेहतरीन हो जाता है।तो बस, देर किस बात की! इन सर्दियों में यह चटपटा अचार बनाएं और अपने खाने का जायका दोगुना करें।
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