
News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ओ रोमियो’ (O’ Romeo) अपनी रिलीज से महज कुछ दिन पहले एक गंभीर कानूनी पचड़े में फंस गई है। मुंबई के पूर्व अंडरवर्ल्ड फिगर हुसैन उस्तरा की बेटी सनोबर शेख ने फिल्म की रिलीज के खिलाफ मुंबई की एक सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सनोबर का आरोप है कि यह फिल्म उनके पिता के जीवन पर आधारित एक अनधिकृत (Unauthorized) बायोपिक है, जिसमें उनके चरित्र को गलत तरीके से पेश किया गया है।हुसैन उस्तरा की बेटी की मांग: “पहले हमें फिल्म दिखाई जाए”विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर सनोबर शेख ने एक सिविल सूट फाइल किया है। उनकी मुख्य आपत्तियां निम्नलिखित हैं:गलत चित्रण: सनोबर का दावा है कि उनके पिता हुसैन उस्तरा कोई गैंगस्टर नहीं थे, बल्कि उन्होंने मुंबई पुलिस और खुफिया एजेंसियों (IB) की मदद की थी। फिल्म के ट्रेलर में उन्हें एक अपराधी के रूप में दिखाना उनके परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है।निजी स्वार्थ: याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला और निर्देशक विशाल भारद्वाज एक ‘मानवीय त्रासदी’ का व्यावसायिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।रिलीज पर रोक: सनोबर ने मांग की है कि जब तक फिल्म की प्री-स्क्रीनिंग (Pre-screening) परिवार को नहीं कराई जाती और उनकी आपत्तियों का समाधान नहीं होता, तब तक फिल्म को सिनेमाघरों या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज न किया जाए।कोर्ट का रुख: 6 फरवरी को होगी अहम सुनवाईमुंबई की सत्र अदालत इस मामले पर 6 फरवरी 2026 को सुनवाई करेगी। यह तारीख फिल्म की रिलीज (13 फरवरी) से ठीक एक हफ्ते पहले की है, जो फिल्म के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।मेकर्स का बचाव: दूसरी ओर, फिल्म के निर्माताओं ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ‘ओ रोमियो’ पूरी तरह से एक काल्पनिक (Fiction) कहानी है और किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से इसकी समानता महज एक संयोग है।हुसैन जैदी की किताब से प्रेरित है फिल्म?चर्चा है कि ‘ओ रोमियो’ मशहूर लेखक और पत्रकार हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ (Mafia Queens of Mumbai) के एक अध्याय से प्रेरित है। शाहिद कपूर फिल्म में एक गनमैन की भूमिका निभा रहे हैं, और उनके साथ तृप्ति डिमरी, नाना पाटेकर, और विक्रांत मैसी जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आने वाले हैं।क्या है हुसैन उस्तरा का असली इतिहास?सनोबर शेख ने अपनी याचिका में दलील दी है कि उनके पिता एक कानून का पालन करने वाले नागरिक थे जिन्होंने डी-कंपनी (D-Company) के खिलाफ पुलिस की मदद की थी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 1994 में मुंबई पुलिस कमिश्नर ने उनके पिता की सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट की मंजूरी भी दी थी, जो साबित करता है कि वे पुलिस के ‘एसेट’ थे, न कि गैंगस्टर।
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