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SpaceX IPO Listing: लिस्ट होते ही निवेशकों की लगी लॉटरी, पहले ही दिन 19% उछला शेयर; टूट गया सऊदी अरामको का बरसों पुराना रिकॉर्ड

बिजनेस और स्पेस टेक्नोलॉजी की दुनिया में 12 जून 2026 का दिन हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। दिग्गज कारोबारी एलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) अमेरिकी शेयर बाजार के नैस्डेक (Nasdaq) इंडेक्स पर लिस्ट हो गई है। बाजार में कदम रखते ही इस कंपनी ने वो कामयाबी हासिल की है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। आईपीएल के पहले ही दिन जिन निवेशकों को इसके शेयर मिले थे, उन्हें 19 प्रतिशत का सीधा मुनाफा (Gain) हुआ है।

इस बंपर लिस्टिंग के साथ ही स्पेसएक्स दुनिया की सबसे कीमती पब्लिक कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद कंपनी की कुल मार्केट वैल्यूएशन 2.2 लाख करोड़ डॉलर (करीब $2.2 Trillion) पर पहुंच गई है। इस ऐतिहासिक बढ़त की बदौलत कंपनी के फाउंडर एलॉन मस्क अब दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (Trillionaire) बन गए हैं। फोर्ब्स रियल टाइम बिलियेनेयर इंडेक्स के अनुसार, मस्क की कुल नेट वर्थ अब 1.1 लाख करोड़ डॉलर आंकी गई है।

पहले ही दिन बाजार में स्पेसएक्स का प्रदर्शन

रॉकेट, स्पेसक्राफ्ट और स्टारलिंक सैटेलाइट बनाने वाली स्पेसएक्स का यह आईपीओ 75 अरब डॉलर का था, जो कि कॉर्पोरेट इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। आइए नीचे दी गई तालिका से समझते हैं कि लिस्टिंग के दिन शेयरों की चाल कैसी रही:

"मुझे लगता था यह कंपनी फेल हो जाएगी" – एलॉन मस्क

इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद एलॉन मस्क भावुक नजर आए। शुक्रवार सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक लाइवस्ट्रीम के दौरान मस्क ने अपने पुराने दिनों को याद किया।

 लाइवस्ट्रीम में क्या बोले एलॉन मस्क?

"इस बात पर यकीन करना वाकई बहुत मुश्किल हो रहा है कि एल सेगुंडो के एक छोटे से गोदाम से शुरू हुई हमारी यह छोटी सी कंपनी आज दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ के साथ पब्लिक हो रही है। अगर बरसों पहले किसी ने मुझसे कहा होता कि ऐसा कुछ होने वाला है, तो मैं कहता कि भाई तुम जरूर कोई बहुत अजीब नशा कर रहे हो! क्योंकि सच कहूं तो मुझे खुद लगता था कि यह कंपनी एक दिन फेल हो जाएगी।"

डिमांड इतनी कि एक-तिहाई निवेशकों को खाली हाथ लौटना पड़ा

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स के आईपीओ को लेकर संस्थागत (Institutional) और रिटेल इनवेस्टर्स के बीच गजब का क्रेज देखने को मिला। बाजार में कुल 350 अरब डॉलर से ज्यादा के ऑर्डर आए, जो कि तय साइज से कई गुना ज्यादा थे।

इस भारी डिमांड के चलते ऑर्डर देने वाली लगभग एक-तिहाई कंपनियों को एक भी शेयर अलॉट नहीं हो सका। वहीं छोटे निवेशकों (Retail Traders) की तरफ से भी 100 अरब डॉलर से ज्यादा की एप्लीकेशन आईं, लेकिन जगह कम होने की वजह से इस कैटेगरी में केवल 15 अरब डॉलर के शेयर ही बांटे जा सके। जानकारों का कहना है कि अगर आने वाले 30 दिनों के भीतर अंडरराइटर अतिरिक्त शेयर बेचने के अपने राइट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो कंपनी की वैल्यूएशन में और भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

टूट गया सऊदी अरामको का 7 साल पुराना रिकॉर्ड

स्पेसएक्स ने इस लिस्टिंग के साथ दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के बरसों पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। इससे पहले तक दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ का खिताब सऊदी अरामको के नाम था, जिसने दिसंबर 2019 में रियाद के स्टॉक एक्सचेंज पर 25.6 अरब डॉलर जुटाए थे और तब उसकी वैल्यूएशन 1.71 लाख करोड़ डॉलर आंकी गई थी। स्पेसएक्स ने $75 अरब जुटाकर इस रिकॉर्ड को बहुत बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है।

हालांकि, इतनी बड़ी वैल्यूएशन के बाद भी स्पेसएक्स को अमेरिकी बाजार के प्रमुख इंडेक्स S&P 500 में शामिल होने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि इसके लिए कुछ तकनीकी और समय सीमा से जुड़े नियमों को पूरा करना जरूरी होता है।