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कॉन्क्लेव वर्तमान पीढ़ी को प्रदेश की 09 वर्षां की यात्रा से अवगत कराने का महत्वपूर्ण माध्यम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश नीति, नीयत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति से प्रगति के पथ पर उत्तरोत्तर आगे बढ़ रहा है। आज प्रदेश में विकास, सुरक्षा, रोजगार, एग्रीकल्चरल ग्रोथ सहित प्रत्येक क्षेत्र में नये मॉडल देखने को मिल रहे हैं। अब विकास केवल लखनऊ, वाराणसी तथा गोरखपुर तक सीमित नहीं है, प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विकास हो रहा है। प्रदेश के सभी जनपदों में बिजली समान रूप से मिलती है। प्रदेश में विकास का पैमाना व्यक्ति, जाति, मत, मजहब, क्षेत्र तथा भाषा नहीं, बल्कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ ही हमारा मूल मंत्र है। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों तथा अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां द टाइम्स ऑफ इण्डिया द्वारा आयोजित ‘डिफाइनिंग 09 ईयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ (फ्रॉम प्रोग्रेस टू प्रॉस्पेरिटी उत्तर प्रदेश लीड्स अहेड, 09 ईयर्स ऑफ प्रोग्रेस, ड्राइविंग ग्रोथ, एमपॉवरमेन्ट एण्ड प्रॉस्पेरिटी एक्रॉस उत्तर प्रदेश) कॉन्क्लेव में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह कॉन्क्लेव वर्तमान पीढ़ी को प्रदेश की 09 वर्षां की यात्रा से अवगत कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें देश हित में सोचने की आवश्यकता है। यह आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। देश रहेगा, तो हम सब रहेंगे। देश सुरक्षित है, तो हम सब सुरक्षित हैं। संकट के समय प्रधानमंत्री जी के आह्वान से जुड़कर हम देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं। प्रधानमंत्री जी की पूरी अपील को ध्यान से पढ़ें, चिंतन, मनन व चर्चा करें तथा उसके पश्चात निष्कर्ष निकालें। जहां पर एक ही ऑफिस में जाने वाले पांच लोग हैं, वहां पांचों लोग अलग-अलग कार से जाने की बजाय एक कार से जाएं। जिस शहर में ऑफिस व प्रतिष्ठान जाने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल या शटल बस की सुविधा है, उसका उपयोग करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य बनता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में जन-बल यहां की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकता था, लेकिन आजादी के बाद राजनीतिक नेतृत्व उसे उचित प्लेटफॉर्म देने में विफल रहा। परिणामस्वरूप, चारों ओर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। आज से 09-10 वर्ष पूर्व, लोगों ने उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश बना दिया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था। व्यापारी पलायन कर रहे थे। किसान आत्महत्या कर रहे थे। पर्व और त्योहार से पहले उत्सव की जगह उपद्रव शुरू हो जाते थे। बिजली, सड़क तथा सरकारी पॉलिसी का अभाव था। परम्परागत उद्यम दम तोड़ रहे थे। उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर प्रदेशवासियों ने डबल इंजन सरकार पर विश्वास किया। सरकार बनने के पश्चात लगभग एक महीने तक अलग-अलग मंत्रालयों से सम्बन्धित विभागों के प्रेजेंटेशन व उन पर चर्चा होती थी। कार्य योजना बनती थी। बहुत सारे लोगों की समझ में नहीं आ रहा था, यह क्या हो रहा है। उनको नहीं पता था कि इस कार्य योजना में उस नए उत्तर प्रदेश का भविष्य छिपा हुआ है, जो भारत के ग्रोथ इंजन की नई यात्रा प्रारम्भ करने वाला है।
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश का कुल वार्षिक बजट लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये था। लगभग 20 करोड़ की आबादी के लिए यह बजट अपर्याप्त था। उद्योग धन्धे बन्द थे। लोगों के चेहरे पर कोई रौनक नहीं थी। हताशा-निराशा के वातावरण में प्रत्येक व्यक्ति एक नई सम्भावनाओं की ओर देखता था। तब हमने अनुभव किया कि कुछ जगहों पर सख्ती करनी पड़ सकती है। कुछ लोगों को प्रोत्साहित करना पड़ सकता है। बिना किसी भेदभाव के लोगों को इन्सेंटिव देने पड़ेंगे। सपोर्ट करना पड़ेगा, इसके लिए पॉलिसी बनाना आवश्यक है। हमें भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, क्षेत्रवाद को प्रदेश में बढ़ने नहीं देना है, क्योंकि यह प्रवृत्तियां प्रदेश को गर्त में ले जाने वाली हैं। हम अब तक इन प्रवृत्तियों से प्रदेश को बचाए रखने में सफल हुए हैं, इसके परिणाम आप सभी के सामने हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, रेलवे तथा मेट्रो का बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर देखने को मिल रहा है। देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेस-वे के माध्यम से राज्य के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचा जा सकता है। आज से 09 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि राज्य में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे तथा देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेस-वे बनेगा। भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर में बनेगा। इस एयरपोर्ट पर आगामी 15 जून से वायु सेवा प्रारम्भ होने जा रही है। वहां भारत का पहला एम0आर0ओ0 तथा सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनने जा रहा है। जेवर सचमुच अब भारत का जेवर बन गया है। दुनिया की सबसे बड़ी व सबसे अच्छी कम्पनियां आज नोएडा में स्थापित हो रही हैं।
प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। भारत की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही है। इनलैण्ड वॉटर-वे वाराणसी से हल्दिया के बीच प्रारम्भ हो चुका है। उत्तर प्रदेश को नेपाल, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड, दिल्ली से फोर लेन सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में उत्तर प्रदेश ने जो लक्ष्य तय किए हैं, वह सबके सामने हैं। एग्रीकल्चरल ग्रोथ 08 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने में सफलता प्राप्त हुई है। इसके लिए हमें किसानों को अच्छे बीज, तकनीक तथा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करानी पड़ी। आज लगभग 50 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों तथा ट्यूबवेल के माध्यम से निःशुल्क जल उपलब्ध कराया जा रहा है। अब कृषि लागत कम तथा उत्पादन ज्यादा होता है। अच्छा दाम प्राप्त होने पर किसानों को बाजार में उपज बेचने की छू दी जाती है। कोई खरीददार न मिलने पर सरकार द्वारा उनकी उपज खरीद कर एम0एस0पी0 उपलब्ध करायी जाती है। वर्ष 2017 से पूर्व गन्ना किसान हताश व निराश थे। चीनी मिलें औने-पौने दाम में बिक चुकी थीं। चीनी मिलें घाटे का सौदा साबित हो रही थी।
तंत्र वही है, केवल सरकार बदली। हम लोगों ने बन्द चीनी मिलों को पुनः प्रारम्भ कराया। इस वर्ष प्रदेश में चलायी गयीं 121 चीनी मिलों के माध्यम से 92 प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। वर्ष 2017 से पूर्व 10 साल पुराना गन्ना मूल्य बकाया था। देश में सबसे अच्छी रिकवरी उत्तर प्रदेश में है। अब चीनी मिलें इन्टीग्रेटेड शुगर कॉम्प्लेक्स बन चुकी हैं। वहाँ चीनी के साथ-साथ एथेनॉल भी बन रहा है। डिस्टलरी, कोजन प्लाण्ट तथा फाइन शुगर की भी व्यवस्था है। वहाँ प्रारम्भ एक्टिविटीज के माध्यम से रोजगार सृजित हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले प्रदेश की एम0एस0एम0ई0 इकाइयां बदहाल स्थिति में थी। आज प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं। इनमें 03 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। प्रदेश में 75,000 एकड़ लैण्ड बैंक है। निवेश की पहली शर्त सुरक्षा, दूसरी लैण्ड बैंक और तीसरी निवेश से सम्बन्धित पॉलिसी है। आज प्रदेश में 34 सेक्टोरियल पॉलिसीज हैं। उत्तर प्रदेश भारत का बेहतरीन निवेश गन्तव्य बनकर उभरा है। परिणामस्वरूप प्रदेश के लगभग 65 लाख युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। अब सरकारी नौकरी केवल सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन चुकी है। प्रदेश में अब तक 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश उन राज्यों में है, जिसमें नकल या पर्चा लीक को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में लाकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्राविधान किया गया है। सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों की प्रॉपर्टी जब्त कर, उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा दिलाने के लिए पूरी मजबूती के साथ पैरवी करेगी। राज्य ने पर्यटन के क्षेत्र में लम्बी छलांग लगाई है। गत वर्ष प्रयागराज महाकुम्भ के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी। गत वर्ष प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर लगभग 156 करोड़ पर्यटक आये थे। पर्यटन प्रदेश की नई ताकत है। इसके माध्यम से रोजगार सृजित होते हैं। यह सेक्टर होटल, रेस्टोरेन्ट, स्थानीय दुकानदार, टैक्सी और स्थानीय सम्भावनाओं को बहुत मजबूती देता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश को कोई बीमारू राज्य नहीं कह सकता। प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब यहां का युवा कहीं जाकर अपनी पहचान बताता है, तो लोग उसका स्वागत करते हुए दिखाई देते हैं। डबल इंजन सरकार ने ऐसी परिस्थितियों का निर्माण किया है, जिससे देश-दुनिया के लोग उत्तर प्रदेशवासियों को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। आज प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण है। महिलाएं किसी भी समय सुरक्षित घर से बाहर निकल सकती हैं। वह नाइट शिफ्ट में भी ऑफिस व उद्योगों में काम कर रही हैं। बेटियां स्कूल जा रही हैं। आज हर व्यक्ति उत्तर प्रदेश में अपना निवेश करना चाहता है।
प्रत्येक सेक्टर में किये गये कार्यां का परिणाम है कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से तीन गुना बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये से अधिक करने में सफलता प्राप्त हुई है। पहले प्रदेश का वार्षिक बजट 2.5 लाख करोड़ रुपये के आस-पास था, इस वर्ष हमने
9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। अभी अनुपूरक बजट भी आएगा। यह उत्तर प्रदेश के बजट का विस्तार है। प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 वर्ष 2016-17 में 12 लाख करोड़ रुपये के आसपास थी, आज वह बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हुई है। यह तब है जब कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया गया है। इस दौरान जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में 65 लाख गरीबों के लिए आवास की व्यवस्था की गयी है। 02 करोड़ 61 लाख गरीबों के घर में शौचालय बने हैं। 15 करोड़ गरीबों को प्रत्येक माह निःशुल्क राशन की सुविधा का लाभ मिल रहा है। 10 करोड़ गरीबों को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 05 लाख रुपये वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। कोई आपदा आने पर 24 घण्टे में पीड़ित परिवार को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह तब सम्भव हो रहा है, जब सरकार के पास धनराशि है। पैसा नहीं होता तो वायदे पे वायदे होते। रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार बैंकों का सर्वाधिक धन उत्तर प्रदेश में लग रहा है।
आज से 500 वर्ष से 1500 वर्ष पूर्व तक दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी लगभग 44 से 45 प्रतिशत थी। यह स्थिति लम्बे समय तक बनी रही। यह सामूहिकता की भावना से किये गये कार्यां का परिणाम था। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जब सामूहिकता देखने को मिलती है तथा व्यवस्थाएं एक दूसरे से समन्वय कर आगे बढ़ती हैं, तो इसके बेहतरीन परिणाम मिलते हैं। उस समय भारत में दुनिया की सबसे अच्छी भूमि तथा जल संसाधन थे। अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की खेती होती थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर रही है। आर्थिक उन्नति तभी होती है, जब आपके पास मैन्युफैक्चरिंग की शक्ति हो। इसके लिए उद्योग-धन्धों की आवश्यकता होती है। उस समय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम का बेहतरीन तंत्र था। कुशल कारीगरों एवं शिल्पकारों द्वारा बनी वस्तुओं का व्यापार देश के साथ-साथ विदेश में भी होता था।
यदि किसी देश में अच्छी कृषि, मैन्युफैक्चरिंग की शक्ति तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन की व्यापक सम्भावनाएं हो, तो उसे दुनिया की आर्थिक ताकत बनने से कोई नहीं रोक सकता। दुनिया में दिखाई दे रही आर्थिक समृद्धि का इतिहास 400 से 500 वर्षां का है। भारत में पर्यटन का महत्व सदैव रहा है। देश को उत्तर से दक्षिण से जोड़ने के लिए प्राचीन मान्यता रही है कि केदारनाथ में जलाभिषेक करने के लिए रामेश्वरम् से जल लाना पड़ता है। इसी प्रकार रामेश्वरम् में जलाभिषेक के लिए गंगोत्री का जल आवश्यक है। पहले गांव के गांव इस यात्रा के लिए निकलते थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीवन को लोगों ने इस प्रकार बनाया था कि कोई एक-दूसरे पर बोझ न बने। तब भारत विश्व गुरु था। आक्रमण प्रारम्भ होने से देश में शोध और विकास प्रभावित हुए। विगत एक हजार वर्षों से आक्रमण, अत्याचार तथा शोषण सहते हुए भारत आज भी अडिग है। यह दुनिया के बहुत कम देशों में दिखायी देता है। अनेक झंझावातों का सामना करते हुए भारत अपने अस्तित्व को बनाये हुए है।
इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, टाइम्स ऑफ इण्डिया के रेजीडेन्ट एडिटर श्री प्रवीन कुमार, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के ब्रांच हेड श्री अभिषेक श्रीवास्तव, टाइम्स गु्रप के सीनियर वॉइस प्रेसिडेन्ट श्री धनुष वीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।