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डायरी में छिपे थे बड़े सपने, हिंज ऐप से शुरू हुई थी कहानी; त्विषा शर्मा केस में पति और सास के बयानों से खुले कई राज

भोपाल का बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामला वक्त के साथ सुलझने के बजाय और पेचीदा होता जा रहा है। मामले के मुख्य आरोपी और त्विषा के पति समर्थ सिंह के साथ उसकी पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह के जेल जाने के बाद, अब जांच एजेंसियों के हाथ कई ऐसी जानकारियां लगी हैं जो इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे रही हैं। पुलिस और सीबीआइ की टीमें त्विषा की निजी डायरी, उसकी मानसिक स्थिति, शादी से पहले के रिश्ते और मौत वाले दिन की हर गतिविधि को जोड़कर सच तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। जांच के दौरान पुलिस के हाथ जो तथ्य लगे हैं और आरोपियों ने पूछताछ में जो दावे किए हैं, वे इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोलते हैं। दो डायरियां: एक में बड़े पर्दे का सपना, दूसरी में करियर की उलझनें कटाराहिल्स पुलिस को जांच के दौरान त्विषा के कमरे से दो डायरियां बरामद हुई हैं, जो उसकी सोच और जिंदगी के दो अलग-अलग पहलुओं को बयां करती हैं: निजी डायरी (मेनिफेस्टेशन): त्विषा ‘मेनिफेस्टेशन’ (सोच और कल्पना से भविष्य को सच करना) की अवधारणा पर बहुत भरोसा करती थी। उसने अपनी डायरी में लिखा था कि वह एक बेहद सफल और लोकप्रिय अभिनेत्री बन चुकी है, जिसके बड़े-बड़े पोस्टर्स हर तरफ लगे हैं। उसके परिवार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वह फिल्मी दुनिया में अपना नाम कमाना चाहती थी। प्रोफेशनल डायरी: इस दूसरी डायरी में त्विषा ने अपने करियर, नौकरी और भविष्य के व्यावसायिक प्लान्स को लेकर बातें लिखी थीं, जिससे पता चलता है कि वह अपने काम को लेकर काफी संजीदा थी। डेटिंग ऐप से शुरू हुई थी समर्थ और त्विषा की कहानी पुलिस पूछताछ में समर्थ सिंह ने बताया कि उनकी मुलाकात कोई पारिवारिक या सामान्य मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसकी शुरुआत डिजिटल दुनिया से हुई थी। समर्थ के मुताबिक: करीब डेढ़ साल पहले वह किसी कानूनी मामले के सिलसिले में दिल्ली गया था। वहां उसके मोबाइल में 'हिंज' (Hinge) ऐप एक्टिव था। उसी दौरान ऐप के जरिए उसका संपर्क त्विषा से हुआ। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातें होती रहीं। दिल्ली से वापस आने के बाद भी दोनों फोन पर जुड़े रहे। इसके बाद दोनों ने इंदौर में मिलने का फैसला किया, जहाँ त्विषा अपने भाई से मिलने आई थी जो महू में सेना की ट्रेनिंग ले रहा था। इंदौर की इसी पहली मुलाकात के बाद दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा और मैट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल देखने के बाद शादी की बात पक्की हुई। समर्थ का दावा: "प्रेग्नेंसी के बाद व्यवहार में आने लगा था बदलाव" समर्थ ने जांच एजेंसियों के सामने दावा किया कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक था, दोनों साथ में जिम भी जाते थे। लेकिन प्रेग्नेंसी के बाद त्विषा के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा। समर्थ के अनुसार, त्विषा ने जिम जाना बंद कर दिया और घर पर ही योग करने लगी। समर्थ ने आरोप लगाया कि 5 मई को त्विषा ने उससे कहा था कि वह रसोइयों से खाना बनवाना, एक साधारण गृहणी की तरह रहना और बच्चा पैदा करने जैसी जिम्मेदारियां नहीं संभाल सकती। समर्थ ने अपने बयान में यह भी कहा कि डॉक्टरों ने उसे किसी लत या नशे के दुष्प्रभावों को लेकर चेतावनी दी थी कि इसका असर होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है। इसके बाद 6 मई को डॉक्टर से परामर्श लेकर उसने गर्भपात (Abortion) की दवा भी ली थी, लेकिन अगले ही दिन उसे इस बात का गहरा पछतावा होने लगा था। उसने समर्थ से कहा था कि वह इस बारे में अपनी मां (सास गिरिबाला) को कुछ न बताए। मौत वाले दिन क्या हुआ था? (मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन) समर्थ सिंह ने कटाराहिल्स पुलिस को घटना वाले दिन यानी 12 मई की जो टाइमलाइन बताई है, वह कुछ इस प्रकार है: तीन जिलों में फरारी और सास गिरिबाला की सफाई घटना के तुरंत बाद समर्थ भोपाल से फरार हो गया था। उसने कुबूल किया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए सीहोर गया, जहाँ वह अपने परिचितों के यहां तीन दिन छिपा रहा। इसके बाद वह जबलपुर और फिर पन्ना भाग गया। आखिरकार जांच एजेंसियों ने उसे जबलपुर कोर्ट के पास से दबोच लिया। दूसरी तरफ, जेल में बंद पूर्व जज और सास गिरिबाला सिंह ने भी अपनी सफाई में कहा है कि उनके और बहू के संबंध बहुत अच्छे थे। उन्होंने दावा किया कि त्विषा उन्हें हमेशा पेंटिंग करने के लिए प्रेरित करती थी। यहां तक कि मौत वाले दिन यानी 12 मई को भी त्विषा ने उनके लिए ऑनलाइन एक 'ड्राइंग किट' ऑर्डर की थी, जो उसकी मौत के तीन दिन बाद यानी 15 मई को घर पहुंची। उन्होंने मदर्स डे के चैट्स का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि परिवार में ऐसा भयानक मोड़ आ जाएगा। फिलहाल पुलिस और सीबीआई इन सभी दावों के पीछे के असली सच को खंगालने में जुटी है।