
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज (3 जून) केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) और आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने, प्रदूषण पर लगाम लगाने और आम जनता को राहत देने के लिए करीब 39,300 करोड़ रुपये के बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि ये फैसले मुख्य रूप से देश के हाईवे, शहरी परिवहन और विमानन (Aviation) क्षेत्र की सूरत बदलने वाले हैं। आइए जानते हैं कैबिनेट के इन फैसलों से आम जनता और देश की अर्थव्यवस्था को क्या बड़े फायदे होने वाले हैं। 1. विमान ईंधन के लिए ₹10,000 करोड़ का स्पेशल फंड पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी लगातार संघर्ष और तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और विमान ईंधन (ATF) की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं। इसका सीधा नुकसान भारत के एविएशन सेक्टर और हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को उठाना पड़ रहा था। इस वैश्विक संकट के बीच घरेलू उड़ानों और यात्रियों को राहत देने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड (ATF Price Stabilization Fund) बनाने का बड़ा ऐलान किया है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य विमान ईंधन की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव को रोकना और स्थिरता लाना है, ताकि आम यात्रियों पर हवाई किराए का अतिरिक्त बोझ न बढ़े। 2. दिल्ली-NCR के लिए ₹5,041 करोड़ की वाहन प्रतिस्थापन योजना दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकार एक बेहद व्यावहारिक और आकर्षक योजना लेकर आई है। कैबिनेट ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के इलाकों में दौड़ रहे पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए 5,041 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना को इस तरह तैयार किया गया है कि वाहन मालिकों को अपनी पुरानी गाड़ी छोड़कर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन खरीदने में कोई बड़ी आर्थिक परेशानी न हो। इस योजना के तहत मिलने वाले फायदों को आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं: इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) चारों राज्यों की सरकारों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से काम करेंगे। 3. रामेश्वरम से कोणार्क तक नया तटीय राजमार्ग और राज्यों को सौगात बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार ने 8,301 करोड़ रुपये की एक विशाल तटीय राजमार्ग परियोजना (Coastal Highway Project) को भी मंजूरी दी है। यह नया और आधुनिक हाईवे दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल रामेश्वरम को ओडिशा के कोणार्क और पारादीप बंदरगाह से सीधे जोड़ने का काम करेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से तटीय राज्यों में व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी और पर्यटन का भी तेजी से विकास होगा। इसके साथ ही, कैबिनेट ने देश के अन्य राज्यों के विकास को ध्यान में रखते हुए बिहार, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में कई नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं (National Highway Projects) के निर्माण और विस्तार को भी हरी झंडी दे दी है, जिससे इन राज्यों में कनेक्टिविटी बेहद सुगम हो जाएगी।
UK News