
अखरोट… यह सिर्फ एक सूखा मेवा नहीं,बल्कि सेहत का खजाना है। इसे “ब्रेन फूड” यानी दिमाग का भोजन कहा जाता है,लेकिन इसकी ताकत सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। ओमेगा-3फैटी एसिड,प्रोटीन,फाइबर और अनगिनत पोषक तत्वों से भरपूर यह छोटा सा मेवा आपके दिल से लेकर हड्डियों तक,हर अंग को दुरुस्त रखता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर लोग इसे गलत तरीके से खाते हैं,जिससे उन्हें इसका पूरा फायदा मिल ही नहीं पाता?चलिए,आज अखरोट से जुड़े हर सवाल का जवाब जानते हैं – इसे कब,कैसे और कितना खाना चाहिए ताकि यह आपके लिए अमृत बन जाए।1.सूखा या भिगोकर?सबसे बड़ा सवाल!अक्सर लोग मुट्ठी भर सूखे अखरोट निकालते हैं और खा लेते हैं। यहीं होती है सबसे बड़ी गलती!अखरोट की तासीर गर्म होती है।इसे सूखा खाने पर,खासकर गर्मियों में,यह पेट में गर्मी,जलन या गैस पैदा कर सकता है।भिगोने से क्या होता है?रात भर या कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोने से अखरोट की गर्मी निकल जाती है और इसकी तासीर सामान्य हो जाती है। भिगोने से यह नरम हो जाता है और इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में कई गुना बेहतर तरीके से समाते हैं। यह आयुर्वेद का भी सुझाया हुआ सबसे सही तरीका है।2.खाने का सबसे सही समय कौनसा है?सुबह खाली पेट!रोजाना सुबह खाली पेट3-4भीगे हुए अखरोट खाना आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जब हमारा पेट खाली होता है,तो वह पोषक तत्वों को सोखने के लिए एक स्पंज की तरह तैयार रहता है। इस समय अखरोट खाने से इसका सारा पोषण सीधा आपके शरीर और दिमाग को मिलता है,जिससे:दिमाग कंप्यूटर की तरह तेज चलता है:याददाश्त और एकाग्रता में सुधार होता है।दिन भर एनर्जी रहती है:आपको थकान महसूस नहीं होती।भूख कंट्रोल होती है:जिससे आप उल्टा-सीधा खाने से बचते हैं।3.एक दिन में कितने अखरोट काफी हैं?किसी भी चीज की अति बुरी होती है। सेहतमंद रहने के लिए एक दिन में4से6अखरोट के टुकड़े (यानी2-3पूरे अखरोट)काफी हैं। यह लगभग एक मुट्ठी के बराबर होता है।अखरोट खाने के बेमिसाल फायदेदिमाग का सुपरफूड:इसमें मौजूद ओमेगा-3फैटी एसिड दिमाग की कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है। यह बच्चों की याददाश्त बढ़ाने से लेकर बुजुर्गों को अल्जाइमर जैसी बीमारियों से बचाने तक में मददगार है।दिल का रक्षक:यह शरीर में जमे “बुरे” कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और “अच्छे” कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और दिल के दौरे का खतरा कम होता है।सर्दियों का बॉडीगार्ड:इसकी गर्म तासीर सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखती है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और जोड़ों के दर्द में राहत देता है। साथ ही,इसकी पोषक तत्व इम्यूनिटी को इतना मजबूत कर देते हैं कि सर्दी-जुकाम और वायरल इन्फेक्शन आपसे दूर रहते हैं।पेट का दोस्त:इसमें भरपूर फाइबर होता है,जो पाचन तंत्र के लिए किसी “झाड़ू” की तरह काम करता है। यह कब्ज को दूर करता है और आंतों को साफ रखता है।मजबूत इम्यूनिटी:एंटीऑक्सीडेंट्स,जिंक और विटामिन ई से भरपूर अखरोट शरीर की बीमारियों से लड़ने वाली सेना (सफेद रक्त कोशिकाओं) को ताकत देता है।अखरोट कब और किसे नहीं खाना चाहिए?मात्रा का ध्यान रखें:एक दिन में 3-4से ज्यादा अखरोट न खाएं,वरना पेट में गर्मी या मुंह में छाले हो सकते हैं।एलर्जी हो तो बचें:जिन लोगों को नट्स से एलर्जी है,उन्हें इससे दूर रहना चाहिए।अगर20अखरोट खा लिए तो?ज्यादा मात्रा में अखरोट खाने से पाचन खराब हो सकता है,वजन बढ़ सकता है और खून पतला होने का खतरा भी रहता है।1किलो अखरोट की कीमत?भारत में अच्छी क्वालिटी के अखरोट की कीमत लगभग₹500से₹1200प्रति किलोग्रामके बीच हो सकती है,जो क्वालिटी और शहर के हिसाब से बदलती रहती है।निष्कर्ष:अखरोट एक छोटा सा मेवा है,लेकिन इसके फायदे बड़े-बड़े हैं। बस इसे सही तरीके से – यानीभिगोकर,सुबह खाली पेट और सही मात्रा में -अपनी जिंदगी में शामिल कर लीजिए,और फिर देखिए आपकी सेहत कैसे बदलती है।
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