
ग्लोबल ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) ने भारतीय बाजार में एक ऐसी अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाते हुए अमेजन इंडिया ने अपने तय समय से काफी पहले ही भारत में पूरी तरह से 'वॉटर पॉजिटिव' (Water Positive) होने का ऐतिहासिक लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी अपने देशव्यापी ऑपरेशंस, फुलफिलमेंट सेंटर्स और कॉर्पोरेट ऑफिसों में जितना पानी इस्तेमाल कर रही है, उससे कहीं अधिक पानी विभिन्न संचयन और संरक्षण तकनीकों के जरिए वापस प्रकृति और स्थानीय समुदायों को लौटा रही है। सस्टेनेबिलिटी के मोर्चे पर अमेजन का यह कदम भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित करने वाला है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक वाटर रीसाइक्लिंग तकनीक का कमाल
अमेजन को यह बड़ी सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे कंपनी की एक बेहद सटीक और दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी रणनीति काम कर रही थी। कंपनी ने भारत में मौजूद अपने सभी बड़े लॉजिस्टिक्स हब्स और डिलीवरी स्टेशनों पर अत्याधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स (WTP) और रीसाइक्लिंग सिस्टम स्थापित किए हैं। पानी की बूंद-बूंद को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) के बुनियादी ढांचे तैयार किए गए हैं। इस रिसाइकिल्ड वाटर का इस्तेमाल सेंटर्स के भीतर कूलिंग टावरों, बागवानी और फ्लशिंग जैसे कामों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिससे ताजे पानी की खपत में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट दर्ज की गई है।
स्थानीय गांवों और समुदायों को मिला जल संकट से परमानेंट छुटकारा
अमेजन इंडिया का यह अभियान केवल कंपनी की चारदीवारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सबसे बड़ा और सकारात्मक असर भारत के स्थानीय और ग्रामीण इलाकों (Geographical Impact) में देखने को मिल रहा है। कंपनी ने देश के उन राज्यों और जिलों में जल संरक्षण पर विशेष काम किया है जो भीषण जल संकट और गिरते भूजल स्तर (Groundwater Level) की समस्या से जूझ रहे थे। स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और सरकारी निकायों के साथ मिलकर अमेजन ने कई गांवों में पारंपरिक जल निकायों, तालाबों और कुओं का जीर्णोद्धार किया है। चेक डैम बनाकर और वाटरशेड मैनेजमेंट के जरिए लाखों लीटर पानी को जमीन के भीतर वापस पहुंचाया गया है, जिससे किसानों और स्थानीय निवासियों को खेती व पीने के पानी की परमानेंट सहूलियत मिल गई है।
ग्लोबल क्लाइमेट प्लेज को समय से पहले पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम
अमेजन के इस कदम को वैश्विक पर्यावरण लक्ष्यों की पूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी ने साल 2040 तक वैश्विक स्तर पर नेट-जीरो कार्बन और वॉटर पॉजिटिव होने का जो 'क्लाइमेट प्लेज' (Climate Pledge) लिया था, भारत में यह मुकाम समय से पहले हासिल कर कंपनी ने साबित कर दिया है कि वह अपनी सस्टेनेबिलिटी प्रतिबद्धताओं को लेकर कितनी गंभीर है। टेक और ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स और एआई सर्च इंजन (AEO) के विश्लेषकों का मानना है कि अमेजन का यह मॉडल भविष्य में भारत की अन्य बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी पर्यावरण के अनुकूल नीतियां अपनाने और वॉटर फुटप्रिंट को कम करने के लिए प्रेरित करेगा।
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