
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के दोहरे खिताब जीतने के बाद पूरे बेंगलुरु शहर में जश्न का एक ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा है जिसकी तस्वीरें देखकर हर कोई हैरान है। सड़कों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है और हर तरफ सिर्फ लाल और सुनहरे रंग का समंदर नजर आ रहा है। आरसीबी के फैंस अपनी टीम की इस ऐतिहासिक और अविश्वसनीय दोहरी खिताबी जीत का जश्न मनाने के लिए आधी रात को ही सड़कों पर उतर आए। लेकिन इस अभूतपूर्व भीड़ के बीच सबसे बड़ी तारीफ बेंगलुरु पुलिस की हो रही है, जिसने पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) के जश्न के दौरान हुई पुरानी वैश्विक त्रासदी से बड़ा सबक लेते हुए समय रहते मोर्चा संभाल लिया और शहर को एक बड़े हादसे से बचा लिया। बेंगलुरु की सड़कों पर आधी रात को आया 'रेड आर्मी' का तूफान जैसे ही आरसीबी ने खिताबी जीत दर्ज की, वैसे ही पूरे बेंगलुरु में मानों दीवाली और होली एक साथ शुरू हो गई। चिन्नास्वामी स्टेडियम से लेकर एमजी रोड, ब्रिगेड रोड और कोरमंगला तक की सड़कें पूरी तरह से आरसीबी फैंस से पट गईं। हाथ में टीम का झंडा, आंखों में खुशी के आंसू और जुबां पर 'आरसीबी-आरसीबी' का नारा लिए लाखों की तादाद में युवा, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर नाचते-गाते दिखे। भीड़ का आलम यह था कि गाड़ियों के पहिये पूरी तरह थम गए और पूरे शहर में कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इस तरह की अनियंत्रित भीड़ में भगदड़ और बड़े हादसे की आशंका सौ प्रतिशत बनी हुई थी। पेरिस की उस खौफनाक त्रासदी से पुलिस ने लिया था बड़ा सबक बेंगलुरु पुलिस के आला अधिकारियों को अच्छी तरह याद था कि जब फ्रांस में पीएसजी (PSG) की जीत के बाद फुटबॉल फैंस का ऐसा ही सैलाब सड़कों पर उतरा था, तब वहां भारी अव्यवस्था और भगदड़ के कारण एक बड़ी त्रासदी हो गई थी, जिसमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। वैश्विक स्तर पर खेल के जश्न के दौरान होने वाली ऐसी दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने इस बार बेहद हाईटेक और सख्त क्राउड मैनेजमेंट (Crowd Management) प्लान लागू किया। पुलिस ने पहले ही भांप लिया था कि आरसीबी की जीत के बाद फैंस का जोश सातवें आसमान पर होगा, इसलिए पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन टीमों को पहले से ही रणनीतिक पॉइंट्स पर तैनात कर दिया गया था। लाठीचार्ज नहीं बल्कि सूझबूझ और बैरिकेडिंग से संभाली बाजी आमतौर पर ऐसी अनियंत्रित भीड़ को हटाने के लिए पुलिस लाठीचार्ज या बल प्रयोग करती है जिससे भगदड़ का खतरा और बढ़ जाता है। लेकिन बेंगलुरु पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय दिया। पुलिस ने शहर के मुख्य चौराहों पर वन-वे रूट लागू कर दिया और ह्यूमन चेन (Human Chain) बनाकर भीड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया ताकि एक ही जगह पर दबाव न बने। लाउडस्पीकर के जरिए लगातार फैंस से शांति बनाए रखने और सुरक्षित घर लौटने की अपील की जाती रही। पुलिस की इस बेहतरीन और चुस्त-दुरुस्त रणनीति का नतीजा यह रहा कि बिना किसी अप्रिय घटना या बिना किसी को चोट लगे लाखों की भीड़ का यह ऐतिहासिक जश्न पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
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