
विशेष रिपोर्टर, पणजी (गोवा): यदि आप भी इस मानसून या आगामी छुट्टियों के सीजन में दोस्तों या परिवार के साथ गोवा के खूबसूरत समुद्र तटों (Beaches), नाइटलाइफ़ और कुदरती नज़ारों का मज़ा लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गोवा सरकार और राज्य पर्यटन विभाग ने पर्यटन स्थलों की गरिमा, स्वच्छता, यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। पर्यटन विभाग ने एक नई गाइडलाइन और प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए कुल 19 प्रकार की गतिविधियों को 'उपद्रव' (Nuisance) की श्रेणी में शामिल कर दिया है। यदि कोई पर्यटक, स्थानीय नागरिक या कमर्शियल ऑपरेटर इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उस पर ₹5,000 से लेकर सीधे ₹1 लाख तक का भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, दोषी पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत पुलिसिया कार्रवाई और जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
राज्य के पर्यटन निदेशक द्वारा 'गोवा टूरिस्ट प्लेसेज प्रोटेक्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 2001' के तहत जारी इस सार्वजनिक आदेश का मुख्य उद्देश्य गोवा की वैश्विक पर्यटन छवि को सुधारना, गैर-कानूनी दलाली पर रोक लगाना और आम पर्यटकों को सुरक्षित व स्वच्छ माहौल प्रदान करना है। गोवा पुलिस और तटीय सुरक्षा बलों को इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं।
गोवा में किन 19 गतिविधियों को घोषित किया गया 'उपद्रव'? जानें पूरी सूची
गोवा पर्यटन विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, अब राज्य के किसी भी अधिसूचित पर्यटन स्थल, नदी तट, जेटी (Jetties) या समुद्र तट पर बिना अनुमति के की जाने वाली कई गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले सीधे तौर पर भारी जुर्माने के हकदार होंगे:
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समुद्र तटों पर शराब पीना और कांच की बोतलें फोड़ना: खुले सार्वजनिक स्थानों, समुद्र तट की रेत पर शराब पीने या कांच की बोतलें फेंकने/फोड़ने पर पूरी तरह से रोक है। शराब का सेवन केवल लाइसेंस प्राप्त बार, रेस्तरां या शैक (Shacks) के अंदर ही किया जा सकता है।
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खुले में खाना बनाना और कचरा फैलाना: पर्यटक या ट्रैवल ग्रुप अब बीच या सार्वजनिक पार्कों में खुले में चूल्हा/गैस जलाकर खाना नहीं पका सकते। इसके साथ ही पॉलीथिन, खाली बोतलें, खाना या अन्य कचरा खुले में फेंकना दंडनीय अपराध है।
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बीच की रेत पर गाड़ियां चलाना: समुद्र तटों पर निजी गाड़ियां, बाइक, कार या एटीवी (ATV) चलाना प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे पैदल घूमने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को खतरा रहता है।
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अवैध वाटर स्पोर्ट्स और बोटिंग गतिविधियां: बिना सरकारी अनुमति या बिना तय किए गए सुरक्षित क्षेत्रों (Demarcated Zones) के बाहर वाटर स्पोर्ट्स, स्कूटर बोटिंग या रिवर क्रूज़ का संचालन पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित किया गया है।
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अनाधिकृत बीच पार्टियां और लाउडस्पीकर: बिना पूर्व अनुमति के तटों पर देर रात तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाना, अवैध डीजे पार्टी या व्यावसायिक कार्यक्रमों का आयोजन करना मना है।
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टिकटों की दलाली और ज़बरदस्ती बेचना: क्रूज़ टिकट, वॉटर स्पोर्ट्स पैकेज, नाइटक्लब पास या अन्य टूरिस्ट सेवाओं के लिए पर्यटकों को तंग करना, रास्ते में रोकना या अनधिकृत रूप से टिकट बेचना अपराध की श्रेणी में आएगा।
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अवैध मालिश (Massage) और फेरीवाले: बीच पर घूम-घूमकर मसाज देने वाले अनधिकृत मालिशियों, घूमते हुए अवैध विक्रेताओं और भीख मांगने वालों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
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अतिक्रमण और इमरजेंसी रास्तों को रोकना: समुद्र तटों पर बिना अनुमति के सन-बेड, टेबल, डेक-बेड लगाना या लाइफगार्ड्स, एम्बुलेंस और सफाई कर्मचारियों के वाहनों का रास्ता रोकना प्रतिबंधित है।
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सार्वजनिक गंदगी और प्रदूषण: खुले में पेशाब या शौच करना, समुद्र या किनारे की रेत में केमिकल, सीवेज, कचरा या तेल बहाना गंभीर अपराध माना जाएगा।
₹5,000 से ₹1 लाख तक जुर्माना और BNS धारा 223 के तहत सीधी जेल!
पर्यटन विभाग के इस नए आदेश ने स्थानीय पुलिस और तटीय सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक कानूनी शक्तियां प्रदान की हैं। 'गोवा टूरिस्ट प्लेसेज प्रोटेक्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट' की धारा 13 और 10 के तहत अब पुलिस अधिकारी मौके पर ही उल्लंघनकर्ताओं का चालान कर सकते हैं।
सामान्य उल्लंघन पर न्यूनतम जुर्माना ₹5,000 निर्धारित किया गया है, जो गलती की गंभीरता और व्यावसायिक उल्लंघन के आधार पर ₹1,000,000 (1 लाख रुपये) तक जा सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी आदेशों की अवहेलना करती है या अधिकारियों के काम में बाधा डालती है, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस धारा के तहत सार्वजनिक सेवक के कानूनी आदेश का उल्लंघन करने पर कारावास और अतिरिक्त जुर्माने का प्रावधान है।
गोवा ट्रिप का मज़ा न हो किरकिरा: पर्यटकों के लिए आवश्यक सावधानियां
यदि आप गोवा यात्रा के दौरान किसी भी कानूनी झंझट या भारी जुर्माने से बचना चाहते हैं, तो निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
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अधिकृत एजेंटों से ही बुकिंग करें: वाटर स्पोर्ट्स, रिवर क्रूज़, स्क्रूबा डाइविंग या किसी भी प्रकार की गतिविधियों के लिए केवल गोवा सरकार से मान्यता प्राप्त और पंजीकृत टूर ऑपरेटरों से ही टिकट खरीदें। किसी भी बीच पर घूम रहे अनधिकृत दलालों के झांसे में न आएं।
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शराब का सेवन नियमानुसार करें: यदि आप ड्रिंक करना चाहते हैं, तो हमेशा किसी पंजीकृत पब, बार, होटल या लाइसेंस प्राप्त बीच शैक के अंदर ही बैठें। समुद्र के पानी में उतरकर या रेत पर बैठकर शराब पीना भारी पड़ सकता है।
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सफाई का रखें विशेष ध्यान: अपने साथ एक छोटा गार्बेज बैग रखें और इस्तेमाल की हुई प्लास्टिक बोतलें, रैपर्स व अन्य कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें।
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स्थानीय टैक्सी व वाहनों का उपयोग: हमेशा मीटर वाली या सरकार द्वारा अधिकृत प्रीपेड टैक्सियों का ही उपयोग करें। प्राइवेट या बिना रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों को किराए पर लेने से बचें।
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दूसरों की निजता का सम्मान करें: बिना किसी अनजान पर्यटक या सन-बाथ ले रहे यात्रियों की सहमति के उनकी तस्वीरें या वीडियो न बनाएं।
गोवा सरकार का स्पष्ट संदेश है कि राज्य पर्यटकों का स्वागत बांहें फैलाकर करता है, लेकिन प्राकृतिक सुंदरता, पर्यावरण और सार्वजनिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। इसलिए समझदारी से काम लें, नियमों का पालन करें और अपनी गोवा ट्रिप को यादगार बनाएं।
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