News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और वर्तमान में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे ‘दुष्प्रचार’ को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने टेक दिग्गज गूगल (Google), मेटा (Meta) और अमेजन (Amazon) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे गंभीर को निशाना बनाने वाली तमाम ‘आपत्तिजनक’ और ‘मानहानिकारक’ पोस्ट्स को तुरंत अपने प्लेटफॉर्म से हटाएं। गंभीर ने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित तरीके से फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।हाईकोर्ट की दोटूक: 48 घंटे के भीतर हटाए जाएं लिंकगौतम गंभीर की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया है।अदालत का आदेश: कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट पर मौजूद ऐसी सामग्री, जो किसी व्यक्ति के चरित्र हनन के उद्देश्य से डाली गई है, उसे अभिव्यक्ति की आजादी नहीं माना जा सकता।समय सीमा: सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे गंभीर द्वारा चिन्हित किए गए यूआरएल (URLs) और पोस्ट्स को अगले 48 घंटों के भीतर डिलीट करें या ब्लॉक करें।क्या था पूरा मामला?गौतम गंभीर ने पिछले हफ्ते हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी शिकायत के मुख्य बिंदु इस प्रकार थे:फेक न्यूज और ट्रोलिंग: गंभीर ने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोग और न्यूज पोर्टल्स उनके निजी जीवन और पेशेवर करियर को लेकर गलत तथ्य सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम और X) पर साझा कर रहे हैं।विज्ञापन और राजस्व: याचिका में दावा किया गया कि गंभीर के नाम का इस्तेमाल करके कुछ प्लेटफॉर्म्स अपने व्यूज और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए आपत्तिजनक हेडलाइंस का इस्तेमाल कर रहे हैं।मानहानि: गंभीर ने दलील दी कि एक नेशनल आइकन और भारतीय टीम का कोच होने के नाते, उनके खिलाफ इस तरह की सामग्री न केवल उन्हें बल्कि भारतीय क्रिकेट की छवि को भी प्रभावित करती है।सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेहीदिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है। कोर्ट ने साफ किया कि ‘इंटरमीडियरी’ होने के नाते कंपनियों की यह जिम्मेदारी है कि वे आपत्तिजनक कंटेंट पर नजर रखें और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें। यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई-प्रोफाइल शख्सियत ने इस तरह की राहत मांगी है, लेकिन गंभीर के मामले में कोर्ट की सक्रियता ने भविष्य के लिए एक उदाहरण सेट किया है।आईपीएल 2026 और कोचिंग पर फोकसबता दें कि गौतम गंभीर इस समय आईपीएल 2026 की तैयारियों और आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों की रणनीति बनाने में व्यस्त हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी सगाई की घोषणा करने वाले पृथ्वी शॉ को भी अपना समर्थन दिया था। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस आदेश के बाद गंभीर अब अपनी पूरी ऊर्जा क्रिकेट के मैदान पर केंद्रित कर पाएंगे।
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