Friday , April 24 2026

चीन की बढ़ेगी टेंशन QUAD में भारत की ‘पावर’ देख गदगद हुआ अमेरिका, कर्ट कैंपबेल ने खोल दिए पर्दे के पीछे के राज

News India Live, Digital Desk: रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन की बढ़ती दादागिरी के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका के उप-विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल ने ‘क्वाड’ (QUAD) समूह में भारत की भूमिका को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिससे ड्रैगन की रातों की नींद उड़ सकती है। कैंपबेल ने साफ कहा है कि क्वाड को आज जिस ऊंचाई पर देखा जा रहा है, उसके पीछे पर्दे के पीछे से भारत ने एक ‘अग्रणी राष्ट्र’ की भूमिका निभाई है।पर्दे के पीछे भारत ने लिखी क्वाड की सफलता की पटकथाअमेरिकी उप-विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल ने एक कार्यक्रम के दौरान भारत की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने कहा कि अक्सर दुनिया को लगता है कि क्वाड की पहल केवल अमेरिका या जापान की ओर से होती है, लेकिन असलियत इससे जुदा है। कैंपबेल के मुताबिक, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में क्वाड को मजबूत करने के लिए जो सक्रियता दिखाई है, वह अतुलनीय है। भारत न केवल अपनी सुरक्षा चिंताओं को लेकर स्पष्ट रहा है, बल्कि उसने पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए अन्य सदस्य देशों (अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) को एक मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई है।चीन की घेराबंदी में ‘गेम चेंजर’ बना नई दिल्ली का साथहिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य हस्तक्षेप को रोकने के लिए क्वाड एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। कैंपबेल ने संकेत दिया कि भारत की भौगोलिक स्थिति और उसकी बढ़ती सैन्य व आर्थिक शक्ति ने क्वाड को वह धार दी है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नहीं की गई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए भी क्वाड के साझा लक्ष्यों के प्रति जो प्रतिबद्धता दिखाई है, उसने अमेरिका को भी हैरान किया है।सिर्फ सैन्य गठबंधन नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक है क्वाडकैंपबेल ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि क्वाड केवल एक सुरक्षा गठबंधन नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास और भविष्य की चुनौतियों से निपटने का एक साझा विजन है। इसमें भारत की ‘लीडिंग नेशन’ वाली छवि ने अन्य विकासशील देशों को भी एक सकारात्मक संदेश दिया है। भारत की इस ‘बैक-स्टेज’ लीडरशिप ने ही क्वाड को आज अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में खड़ा कर दिया है।बदलते समीकरणों के बीच भारत का बढ़ता दबदबाविशेषज्ञों का मानना है कि कैंपबेल का यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक साख पर मुहर लगाता है। दक्षिण चीन सागर से लेकर पूरे हिंद महासागर तक, भारत की मौजूदगी और उसकी कूटनीति ने चीन के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अमेरिका का यह स्वीकार करना कि भारत क्वाड का असली इंजन है, यह दर्शाता है कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति की धुरी अब नई दिल्ली के इर्द-गिर्द घूमने वाली है।