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डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर बवाल भारत को बताया नरक तो भड़क उठा ईरान,कहा- पहले आकर देखो फिर बोलना

News India Live, Digital Desk: अपनी बेबाक और अक्सर विवादित टिप्पणियों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनके निशाने पर भारत और ईरान जैसे देश आए हैं। एक हालिया संबोधन के दौरान ट्रंप ने भारत की स्थिति की तुलना ‘नरक’ (Hell) से कर दी, जिस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। ट्रंप के इस बयान ने न केवल कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि ईरान ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए ट्रंप को आईना दिखाया है।ट्रंप के ‘नरक’ वाले बयान से मचा हड़कंपडोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक भाषण में वैश्विक व्यवस्था और विभिन्न देशों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति पर चर्चा करते हुए भारत का जिक्र किया। ट्रंप ने दावों के साथ कहा कि कुछ देश रहने के लिहाज से बेहद कठिन और ‘नरक’ जैसी स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिसमें उन्होंने भारत का नाम भी शामिल किया। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को स्थापित कर चुका है और वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमा रहा है। ट्रंप के इस तंज ने भारतीय समर्थकों और प्रवासियों के बीच भी नाराजगी पैदा कर दी है।ईरान का पलटवार: ‘अपनी आंखों से आकर देखो हकीकत’ट्रंप की इस टिप्पणी पर ईरान ने बेहद सख्त लहजा अख्तियार किया है। ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए। ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया, “ट्रंप को पहले इन देशों का दौरा करना चाहिए, वहां की संस्कृति और प्रगति को अपनी आंखों से देखना चाहिए और फिर कुछ बोलना चाहिए। बंद कमरों में बैठकर दुनिया के महान देशों को ‘नरक’ बताना उनकी संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।”क्या चुनावी हथकंडा है ट्रंप की यह बयानबाजी?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान उनके घरेलू राजनीति के एजेंडे का हिस्सा हो सकता है। ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर चलने वाले ट्रंप अक्सर विदेशी देशों पर निशाना साधकर अपने वोट बैंक को लुभाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, भारत जैसे रणनीतिक साझेदार के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी से द्विपक्षीय संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि ट्रंप की ऐसी बयानबाजी अक्सर सुर्खियों में रहने के लिए होती है, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका की छवि को ही नुकसान पहुंचता है।भारत की प्रगति और ट्रंप के दावों में विरोधाभासएक तरफ जहां ट्रंप भारत को पिछड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दुनिया भर की रेटिंग एजेंसियां भारत की जीडीपी ग्रोथ और बुनियादी ढांचे के विकास की तारीफ कर रही हैं। डिजिटल इंडिया से लेकर स्पेस सेक्टर तक में भारत ने जो झंडे गाड़े हैं, वे ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज करते हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग ट्रंप को पुरानी यादें दिला रहे हैं जब उन्होंने ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम के दौरान भारत की जमकर तारीफ की थी।