
News India Live, Digital Desk : दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए साल 2026 की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही है। एक ओर ईरान के साथ छिड़ा भीषण युद्ध और दूसरी ओर देश में बढ़ती महंगाई ने ट्रम्प की लोकप्रियता को अब तक के सबसे निचले स्तर (Record Low) पर पहुँचा दिया है। हाल ही में आए ‘रॉयटर्स/इप्सोस’ (Reuters/Ipsos) के ताजा ओपिनियन पोल ने व्हाइट हाउस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सर्वे के मुताबिक, अमेरिकी जनता अब ट्रम्प की युद्ध नीति और आर्थिक फैसलों से किनारा करती नजर आ रही है।अप्रूवल रेटिंग में भारी गिरावट: 34% पर सिमटा समर्थनताजा आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग गिरकर महज 34% रह गई है। जनवरी 2025 में जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तब उनकी रेटिंग 47% थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में ईरान के साथ सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद से उनकी लोकप्रियता में लगातार गिरावट आई है। यह उनके इस कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है। सर्वे में शामिल लोगों ने स्पष्ट किया कि वे सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं, खासकर मिडिल क्लास परिवारों में गुस्सा और निराशा साफ देखी जा रही है।ईरान युद्ध का असर: तेल की कीमतों में लगी आगअमेरिका और इज़रायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान ने वैश्विक बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे अमेरिका में गैसोलीन (Gasoline) की कीमतों में 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आज अमेरिका में पेट्रोल के दाम चार साल के उच्चतम स्तर पर हैं। आम अमेरिकी नागरिक, जो पहले से ही महंगाई से जूझ रहा था, अब ईंधन के बढ़े दामों को ट्रम्प की ‘युद्ध नीति’ का नतीजा मान रहा है।कॉस्ट ऑफ लिविंग (Cost of Living) ने बढ़ाई चिंतायुद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर अमेरिकियों की रसोई और जेब पर पड़ा है। सर्वे में केवल 22% लोगों ने माना कि ट्रम्प प्रशासन बढ़ती लागत और महंगाई को नियंत्रित करने में सफल रहा है। मिडिल क्लास का कहना है कि सरकार का ध्यान घरेलू मुद्दों और अर्थव्यवस्था के बजाय विदेशी युद्धों (Military Adventurism) पर ज्यादा है। यही वजह है कि ट्रम्प के अपने समर्थक और रिपब्लिकन पार्टी के कुछ धड़े भी अब उनके नेतृत्व पर सवाल उठाने लगे हैं।2026 मिडटर्म चुनाव और ट्रम्प की चुनौतियांजैसे-जैसे 2026 के मिडटर्म चुनाव नजदीक आ रहे हैं, यह गिरती रेटिंग रिपब्लिकन पार्टी के लिए खतरे की घंटी है। डेमोक्रेटिक पार्टी इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है और युद्ध की लोकप्रियता की कमी को चुनावी मुद्दा बना रही है। इसके अलावा, हाल ही में ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर’ के दौरान ट्रम्प पर हुए हमले की कोशिश ने भी देश में सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि क्या ट्रम्प अपनी नीतियों में बदलाव कर जनता का भरोसा दोबारा जीत पाएंगे या यह गिरावट उनके राजनीतिक भविष्य के लिए घातक साबित होगी।
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