
अगर आप भी नौकरी से अलग खुद का कोई नया और मुनाफे वाला बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो खाद्य प्रसंस्करण यानी फूड प्रोसेसिंग का क्षेत्र आपके लिए एक शानदार और बेहद आकर्षक अवसर साबित हो सकता है। देश में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और ग्रामीण स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग (Department of Horticulture) एक बेहद ही शानदार योजना लेकर आया है। इस सरकारी योजना के तहत नया फूड प्रोसेसिंग प्लांट या यूनिट लगाने वाले युवाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों को लागत पर पूरे 35 प्रतिशत का भारी अनुदान (Subsidy) दिया जा रहा है। इसके साथ ही, बिजनेस शुरू करने के लिए लिए जाने वाले बैंक लोन के ब्याज पर भी 6 फीसदी की अतिरिक्त बड़ी छूट का प्रावधान किया गया है, जो किसी भी नए स्टार्टअप के लिए बेहद मददगार साबित होगा।
क्या है यह सरकारी योजना और कौन-कौन से बिजनेस इसमें हैं शामिल
उद्यान विभाग और केंद्र सरकार के सहयोग से चलाई जा रही इस विशेष योजना का मुख्य उद्देश्य फलों, सब्जियों और अन्य कृषि उपजों को खराब होने से बचाना और उनसे नए उत्पाद तैयार करना है। इस स्कीम के अंतर्गत आप जैम, जेली, सॉस, अचार, मुरब्बा, चिप्स, फलों का जूस, बेकरी उत्पाद, मसाला पिसाई, दाल मिल या फिर पैकेज्ड फूड जैसी कोई भी छोटी-बड़ी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि इस क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं और अगर सही तकनीक के साथ शुरुआत की जाए, तो बहुत ही कम समय में लोकल से लेकर ग्लोबल मार्केट तक अपनी एक मजबूत और नई पहचान बनाई जा सकती है।
35 फीसदी सब्सिडी और 6 फीसदी ब्याज छूट का पूरा गणित समझें
इस योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता नए उद्यमियों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। मान लीजिए कि आप अपनी फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए एक निश्चित प्रोजेक्ट कॉस्ट तय करते हैं, तो उद्यान विभाग की तरफ से उस कुल प्रोजेक्ट लागत का 35 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के रूप में सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा। इसके अलावा, बची हुई रकम के लिए जब आप किसी भी राष्ट्रीयकृत या मान्यता प्राप्त बैंक से लोन लेंगे, तो उस लोन पर लगने वाले सालाना ब्याज में सरकार की ओर से 6 फीसदी की भारी छूट (Interest Subvention) दी जाएगी। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि आपका लोन बेहद सस्ता हो जाएगा और आपको हर महीने भारी-भरकम ईएमआई (EMI) के बोझ से बड़ी राहत मिलेगी।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता और कैसे करें ऑनलाइन आवेदन
उद्यान विभाग की इस बेहद लाभकारी योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और वह कम से कम आठवीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO) और सहकारी समितियां भी इस योजना के तहत वित्तीय मदद पाने के लिए पूरी तरह पात्र हैं। आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले अपनी यूनिट का एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना होगा। इसके बाद आप उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं, जहां आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, जमीन के दस्तावेज, बैंक पासबुक और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जैसी जरूरी फाइलें अपलोड करनी होंगी। आवेदन की जांच के बाद विभाग द्वारा लोन और सब्सिडी को मंजूरी दे दी जाएगी।
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