Saturday , April 25 2026

बंगाल में परिवर्तन की लहर ,अमित शाह का बड़ा दावा पहले चरण की 152 में से 110 सीटें जीत रही है BJP

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान संपन्न होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (25 अप्रैल 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीत का बड़ा दावा पेश किया है। शाह के अनुसार, पहले चरण की वोटिंग के ट्रेंड्स बताते हैं कि बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी सरकार को विदा करने का मन बना लिया है और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।अमित शाह के दावों के मुख्य बिंदुकोलकाता के एक होटल में मीडिया से बात करते हुए अमित शाह ने चुनावी समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की:सीटों का गणित: शाह ने दावा किया कि 23 अप्रैल को पहले चरण में जिन 152 सीटों पर मतदान हुआ, उनमें से भाजपा 110 से अधिक सीटें जीत रही है।भारी मतदान और ‘एंटी-इनकंबेंसी’: उन्होंने कहा कि 92% से अधिक का रिकॉर्ड मतदान इस बात का प्रमाण है कि जनता शासन परिवर्तन चाहती है। उनके अनुसार, “भय का माहौल खत्म हो रहा है और लोग भरोसे की राजनीति चुन रहे हैं।”शांतिपूर्ण चुनाव: शाह ने पिछले चुनावों (2016, 2021) की तुलना करते हुए कहा कि इस बार हिंसा की घटनाएं नगण्य रहीं, जो राज्य में कानून-व्यवस्था के प्रति जनता के बदलते विश्वास को दर्शाता है।प्रमुख वादे: CAA और ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ बंगालअमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान बंगाल की जनता से कई महत्वपूर्ण वादे भी किए:CAA का क्रियान्वयन: उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार बनते ही नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को तेजी से लागू किया जाएगा, जिससे विशेष रूप से ‘मतुआ’ समुदाय के लोगों को नागरिकता मिल सकेगी।भ्रष्टाचार पर प्रहार: शाह ने ‘सिंडिकेट राज’ और ‘कटमनी’ संस्कृति को खत्म करने का वादा करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जाएगी।स्थानीय मुख्यमंत्री: उन्होंने दोहराया कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कोई बाहरी नहीं, बल्कि इसी मिट्टी का लाल होगा।ममता बनर्जी का पलटवार: “भाजपा को मिलेगा गोलू (जीरो)”अमित शाह के दावों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हावड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:“भाजपा केवल शोर मचा रही है। उन्हें उत्तर दिनाजपुर, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे कई जिलों में ‘गोलू’ (शून्य) मिलेगा। बंगाल की जनता बाहरी लोगों के बहकावे में नहीं आने वाली।”