
नई दिल्ली। हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा सही राह पर चले, लेकिन किशोरावस्था वह नाजुक दौर होता है जब बच्चे सबसे जल्दी दूसरों के प्रभाव में आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में बच्चे सही और गलत का फर्क समझने में अक्सर चूक जाते हैं। ऐसे में माता-पिता की थोड़ी सी लापरवाही बच्चे की पूरी जिंदगी बदल सकती है। अगर आपके बच्चे में ये 6 बदलाव दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं।अचानक चिड़चिड़ापन और परिवार से दूरीअगर आपका खुशमिजाज बच्चा अचानक गुस्सैल, बहसबाज और चिड़चिड़ा हो जाए तो इसे सामान्य मत समझें। गलत संगत में पड़ने पर बच्चे धीरे-धीरे परिवार से भावनात्मक दूरी बनाने लगते हैं और अकेले रहना पसंद करने लगते हैं।बातें छिपाना और झूठ बोलने की बढ़ती आदतअगर बच्चा अपने दिन का हिसाब देने से कतराने लगे, फोन या दोस्तों को लेकर जरूरत से ज्यादा सीक्रेटिव हो जाए और छोटी-छोटी बातों में बार-बार झूठ बोलने लगे तो यह खतरे की घंटी है।पुराने दोस्त छूटें और नए दोस्त आपसे छिपाएजब बच्चा अपने पुराने अच्छे दोस्तों से दूर होकर नए ऐसे लोगों के साथ घूमने लगे जिनके बारे में वह कुछ न बताए और आपसे मिलवाने से बचे तो यह चिंता का गंभीर विषय है।पढ़ाई में अचानक आई गिरावटपढ़ाई में अच्छा रहने वाला बच्चा अगर अचानक कमजोर होने लगे, क्लास बंक करने लगे या स्कूल से शिकायतें आने लगें तो साफ है कि उसका ध्यान किसी गलत दिशा में भटक रहा है।पैसों की बढ़ती मांग या घर से चीजें गायब होनाअगर बच्चा अचानक जरूरत से ज्यादा पैसे मांगने लगे या घर से पैसे और कीमती सामान गायब होने लगे तो इसे कभी नजरअंदाज न करें। यह किसी गलत आदत की शुरुआत का साफ संकेत हो सकता है।देर से घर लौटना और अजीब बदलावरोज देर से घर आना, नियमों की अनदेखी करना और सवालों पर टालमटोल जवाब देना भी गलत संगत की ओर इशारा करता है। कपड़ों से अजीब गंध या व्यवहार में असामान्य बदलाव भी ध्यान देने योग्य संकेत हैं।सख्ती नहीं, दोस्ती से करें बातविशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसे हालात में गुस्सा या सख्ती बच्चे को और दूर धकेल सकती है। बेहतर है कि आप दोस्त बनकर उसकी बातें सुनें, उसकी भावनाओं को समझें और जरूरत पड़े तो किसी काउंसलर की मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं। सही प्यार और समझदारी भरा मार्गदर्शन ही बच्चे को वापस सही रास्ते पर ला सकता है।
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