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भोले के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी! सज गया बाबा धाम का रास्ता, विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का होने जा रहा है भव्य आगाज

देश के कोने-कोने में मौजूद भगवान शिव के करोड़ों भक्तों और कांवरियों के लिए इस वक्त की एक बेहद पावन, उत्साहजनक और सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा सैलाब कहे जाने वाले बिहार के विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'श्रावणी मेला' (Shravani Mela) का काउंटडाउन पूरी तरह से शुरू हो चुका है और इस भव्य मेले का आगाज होने जा रहा है। पवित्र सावन के महीने में सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर (बाबाधाम) की ओर जाने वाले कांवरियों के स्वागत के लिए बिहार सरकार का पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी ताकत से तैयारियों में जुट गया है। सुल्तानगंज से लेकर पूरे कांवरिया पथ पर भक्तिमय माहौल बनना शुरू हो गया है। हर साल की तुलना में इस बार का श्रावणी मेला बेहद आधुनिक, सुरक्षित और अनूठा होने वाला है, जिसे लेकर शिवभक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आइए एक ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से करीब से देखते हैं कि इस बार पर्यटन विभाग ने कांवरियों की सुख-सुविधा के लिए क्या बड़े इंतजाम किए हैं और इस बार के मेले में क्या कुछ नया और अलग देखने को मिलेगा।

सुल्तानगंज से देवघर तक का पूरा कांवरिया पथ हुआ हाईटेक, गंगा घाटों का हुआ कायाकल्प

श्रावणी मेले की शुरुआत भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से होती है, जहां से लाखों कांवरिया पवित्र गंगाजल उठाते हैं। इस बार पर्यटन विभाग ने सुल्तानगंज के तमाम गंगा घाटों का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया है। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ-साथ कांवरियों के कपड़े बदलने के लिए आधुनिक चेंजिंग रूम, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और चौबीसों घंटे काम करने वाले मेडिकल कैंप स्थापित किए जा रहे हैं। पूरे 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर बिछाई जाने वाली बालू (रेत) की क्वालिटी को इस बार और बेहतर किया गया है ताकि चिलचिलाती गर्मी और धूप के बीच नंगे पैर चलने वाले शिवभक्तों के पैरों में छाले न पड़ें। इसके साथ ही, पूरे रास्ते में दूधिया रोशनी बिखेरने वाली स्ट्रीट लाइट्स और हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था अचूक बनी रहे।

इस बार क्या है सबसे अलग? टेंट सिटी में मिलेंगी आलीशान सुविधाएं और दिखेगा सांस्कृतिक लेजर शो

इस बार के श्रावणी मेले का सबसे बड़ा आकर्षण पर्यटन विभाग द्वारा बनाई जा रही अत्याधुनिक और भव्य 'टेंट सिटी' (Tent City) होने वाली है। कांवरियों के ठहरने, आराम करने और भोजन के लिए रास्ते में कई जगहों पर विशाल और वाटरप्रूफ टेंट सिटी का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इन टेंट सिटीज के भीतर कांवरियों को बिल्कुल निशुल्क कम्युनिटी किचन, बेड, साफ-सुथरे टॉयलेट्स और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, शाम के समय कांवरियों की थकान मिटाने और अध्यात्म से जोड़ने के लिए मुख्य पड़ावों पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शिव गाथा को दर्शाने वाले 'थ्री-डी लेजर शो' (3D Laser Show) का आयोजन किया जाएगा, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ था। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए इस बार एक विशेष 'कांवरिया ऐप' भी लॉन्च किया जा रहा है, जिसके जरिए भक्त रास्ते में मौजूद अस्पतालों, पुलिस थानों और आराम गृहों की लाइव लोकेशन आसानी से ट्रैक कर सकेंगे।

स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बनाया गया अभेद्य चक्रव्यूह, बड़ी संख्या में तैनात होगी पुलिस

लाखों-करोड़ों की भारी भीड़ को देखते हुए बिहार पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा व सेहत का एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। कांवरिया पथ पर हर दो किलोमीटर पर अस्थाई सरकारी डिस्पेंसरी और एम्बुलेंस की तैनाती की जा रही है, जहां अनुभवी डॉक्टर्स और जीवन रक्षक दवाएं हर समय उपलब्ध रहेंगी। सुरक्षा के मोर्चे पर, बिहार पुलिस के जवानों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सादे लिबास में महिला पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती की जा रही है ताकि भीड़भाड़ का फायदा उठाकर छिनैती या चोरी करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा सके। पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन्स और सेक्टर्स में बांटकर सीनियर प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल ऑफिसर बनाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके।

यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए चलेंगी दर्जनों स्पेशल ट्रेनें, परिवहन विभाग भी तैयार

श्रावणी मेले के दौरान देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने भी कमर कस ली है। सुल्तानगंज, जसीडीह और देवघर स्टेशनों के लिए विभिन्न राज्यों से दर्जनों 'श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें' (Shravani Mela Special Trains) चलाने का फैसला किया गया है, जिनकी समय सारिणी बहुत जल्द आधिकारिक तौर पर जारी कर दी जाएगी। रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर और कांवरियों के रुकने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं। वहीं, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) द्वारा सुल्तानगंज और उसके आसपास के इलाकों के लिए सैकड़ों अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी ताकि रेलगाड़ियों से उतरने के बाद भक्तों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर देखें तो इस बार का श्रावणी मेला आस्था, तकनीक और बेहतरीन प्रशासनिक प्रबंधन का एक अनूठा संगम बनने जा रहा है।