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तेलंगाना की सियासत में सबसे बड़ा उलटफेर, धुर विरोधी कांग्रेस के साथ आए ओवैसी, इस उम्मीदवार को दिया समर्थन

News India Live, Digital Desk: तेलंगाना की राजनीति में एक ऐसे फैसले ने भूचाल ला दिया है, जिसकी किसी ने दूर-दूर तक कल्पना नहीं की थी. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानी जाने वाली कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया है. ओवैसी ने घोषणा की है कि हैदराबाद की प्रतिष्ठित जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी, कांग्रेस के उम्मीदवारनवीन यादव का समर्थन करेगी.ओवैसी के इस कदम के बाद से राज्य की सियासत में गर्मी बढ़ गई है और भविष्य के नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं.क्यों है यह इतना चौंकाने वाला?AIMIM और कांग्रेस, तेलंगाना की राजनीति में हमेशा से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं. खुद असदुद्दीन ओवैसी लगभग हर मंच से कांग्रेस की नीतियों पर तीखे हमले करते आए हैं. ऐसे में, जुबली हिल्स जैसी अहम सीट पर कांग्रेस को समर्थन देना एक बड़े रणनीतिक बदलाव की ओर इशारा करता है. यह उपचुनाव बीआरएस विधायक मागंती गोपीनाथ के निधन के बाद हो रहा है.ओवैसी ने क्यों चली यह चाल?मंगलवार को हुई इस घोषणा के बाद ओवैसी ने अपने फैसले के पीछे की वजहें भी गिनाईं:विकास का हवाला: ओवैसी ने कहा कि यह फैसला जुबली हिल्स के विकास के लिए लिया गया है. उन्होंने कहा, “यह एक उपचुनाव है, इससे न तो सरकार बनेगी, न गिरेगी. हम चाहते हैं कि इलाके का विकास हो.”BRS पर सीधा निशाना: उन्होंने 10 साल तक इस सीट पर काबिज रही बीआरएस (पहले TRS) पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने यहां कोई काम नहीं किया.क्या बीजेपी को रोकना है मकसद?: ओवैसी ने यह भी कहा कि बीआरएस का वोट बीजेपी को ट्रांसफर हो रहा है, जिससे बीजेपी को फायदा पहुंच रहा है. उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि 2023 में BRS का वोट शेयर 37% था, जो लोकसभा चुनाव में घटकर 15% रह गया. राजनीतिक पंडित इसे बीजेपी को रोकने के लिए ओवैसी का एक मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं.कौन हैं कांग्रेस के उम्मीदवार, जिनका AIMIM से है पुराना नाता?दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के उम्मीदवार नवीन यादव का AIMIM से पुराना रिश्ता रहा है. नवीन यादव ने 2014 में AIMIM के टिकट पर ही जुबली हिल्स से चुनाव लड़ा था, हालांकि वे हार गए थे. बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था. ओवैसी ने नवीन यादव से मुलाकात कर उन्हें सभी को साथ लेकर चलने की हिदायत भी दी.क्या हैं इसके सियासी मायने?AIMIM के इस यू-टर्न ने तेलंगाना की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है.बीजेपी ने कसा तंज: बीजेपी ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि नवीन यादव उनके उम्मीदवार हैं या AIMIM के.BRS के लिए झटका: इसे के. चंद्रशेखर राव की पार्टी BRS के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.यह उपचुनाव 11 नवंबर को होना है, लेकिन उससे पहले ही ओवैसी के इस दांव ने इसे ‘हाई-प्रोफाइल’ बना दिया है. अब देखना यह है कि क्या यह नई दोस्ती तेलंगाना की राजनीति में भविष्य की किसी नई कहानी की पटकथा लिख रही है.