News India Live, Digital Desk: देश की राजनीति के लिए आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। लोकसभा से भारी बहुमत के साथ पारित होने के बाद अब ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) राज्यसभा की दहलीज पर है। आज शाम 4 बजे इस ऐतिहासिक विधेयक पर उच्च सदन में वोटिंग होनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस बिल को नारी शक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है। वहीं, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के करीब आते ही अमित शाह और राहुल गांधी के दौरों ने राज्य में सियासी घमासान तेज कर दिया है।राज्यसभा में क्या है समीकरण?संसद के विशेष सत्र के दौरान राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा जारी है।वोटिंग का समय: सभापति के अनुसार, शाम 4 बजे सदन के सदस्यों द्वारा वोट डाले जाएंगे।विपक्ष का रुख: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने बिल का समर्थन तो किया है, लेकिन वे इसमें ‘OBC आरक्षण’ की मांग को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा है कि बिना जनगणना और परिसीमन के यह बिल एक ‘चुनावी जुमला’ बनकर रह जाएगा।अमित शाह का राहुल गांधी पर पलटवारकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जवाब देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा:संवैधानिक प्रक्रिया: परिसीमन और जनगणना एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसके बाद ही सीटों का निर्धारण पारदर्शी तरीके से हो पाएगा।राहुल को जवाब: शाह ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आज OBC की बात कर रहे हैं, उन्होंने दशकों तक सत्ता में रहते हुए पिछड़े वर्गों के लिए क्या किया? उन्होंने आश्वासन दिया कि 2026 के बाद महिला आरक्षण जमीन पर हकीकत बनेगा।पश्चिम बंगाल में ‘खेला’ शुरू: शाह बनाम राहुलमहिला आरक्षण के शोर के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की रणनीतियां भी तेज हो गई हैं:अमित शाह का दौरा: भाजपा के ‘चाणक्य’ अमित शाह जल्द ही बंगाल के दौरे पर होंगे, जहाँ वे पार्टी के ‘मिशन 200+’ को धार देंगे। भाजपा की नजरें इस बार महिला मतदाताओं पर टिकी हैं, जिन्हें रिझाने के लिए महिला आरक्षण बिल को एक बड़े हथियार के रूप में पेश किया जा रहा है।राहुल गांधी की रणनीति: वहीं, राहुल गांधी भी बंगाल में न्याय यात्रा और रैलियों के जरिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश में हैं। विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के भविष्य के लिए बंगाल चुनाव एक अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है।क्या है ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’?यह बिल लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है। यदि आज राज्यसभा से यह पारित हो जाता है, तो राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा। हालांकि, इसके प्रभावी होने के लिए आगामी जनगणना और परिसीमन का इंतजार करना होगा।
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