
आज के दौर में लगभग हर व्यक्ति के पास दो सिम कार्ड होते हैं—एक कॉलिंग के लिए और दूसरा बैंक अकाउंट या आधार से लिंक सेकेंडरी सिम। लेकिन महंगे रिचार्ज प्लान्स के चलते दूसरी सिम को सिर्फ ओटीपी (OTP) के लिए चालू रखना जेब पर भारी पड़ने लगा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ट्रिक चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आप मात्र ₹44 खर्च करके पूरे साल अपनी जियो सिम एक्टिव रख सकते हैं।क्या है ₹44 वाला वायरल गणित?सबसे पहले यह जान लें कि रिलायंस जियो (Jio) के पोर्टफोलियो में आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई ‘₹44 सालाना प्लान’ मौजूद नहीं है। यह पूरी तरह से एक ‘जुगाड़’ या ट्रिक है जो जियो की 90 दिनों वाली ग्रेस पीरियड पॉलिसी पर आधारित है। आइए समझते हैं यह कैसे काम करती है:90 दिनों का नियम: जियो के नियमों के अनुसार, यदि आपके प्लान की वैलिडिटी खत्म हो जाती है, तो कंपनी सिम को तुरंत बंद नहीं करती। नंबर को पूरी तरह डीएक्टिवेट करने से पहले यूजर को लगभग 90 दिनों का समय दिया जाता है। इस दौरान अक्सर इनकमिंग कॉल और ओटीपी की सुविधा मिलती रहती है।₹11 का डेटा बूस्टर: इस ट्रिक के अनुसार, जब आपके रिचार्ज खत्म हुए करीब 85-88 दिन हो जाएं, तब आप अपनी सिम पर मात्र ₹11 का डेटा पैक रिचार्ज कर लें।सालाना खर्च का हिसाब: साल में 365 दिन होते हैं, यानी आपको हर 3 महीने (90 दिन) में एक बार ₹11 का रिचार्ज करना होगा। इस तरह साल भर में कुल 4 बार रिचार्ज करने पर आपका खर्च आता है: $11 \times 4 = 44$ रुपये।इस प्रक्रिया से सिस्टम में आपकी सिम ‘एक्टिव ट्रांजेक्शन’ मोड में आ जाती है और नंबर बंद होने का खतरा टल जाता है।ट्रिक इस्तेमाल करने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यानहालांकि यह तरीका पैसे बचाने में कारगर दिख रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्स कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं:कॉलिंग और SMS की सुविधा नहीं: ध्यान रहे कि ₹11 वाले पैक में केवल डेटा मिलता है। इसमें आपको कोई आउटगोइंग कॉल या मैसेज भेजने की सुविधा नहीं मिलेगी। यह विकल्प सिर्फ उन लोगों के लिए है जो सिम को केवल ओटीपी या इनकमिंग के लिए रखना चाहते हैं।एक्टिविटी है जरूरी: सिर्फ रिचार्ज करना काफी नहीं है। रिचार्ज करने के बाद मोबाइल डेटा ऑन करके थोड़ी ब्राउजिंग या गूगल सर्च जरूर करें। इससे कंपनी के रिकॉर्ड में यह दर्ज हो जाता है कि सिम का ‘इस्तेमाल’ किया जा रहा है।समय सीमा का जोखिम: यदि आप 90 दिनों की डेडलाइन भूल जाते हैं, तो कंपनी बिना किसी सूचना के आपका नंबर स्थायी रूप से बंद कर सकती है और वह नंबर किसी और को अलॉट किया जा सकता है।निष्कर्ष:अगर आप अपनी सेकेंडरी सिम को सिर्फ बैंक अलर्ट्स या डिजिटल पहचान सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो यह ट्रिक आपके लिए काफी किफायती साबित हो सकती है। फिर भी, पूरी तरह सुरक्षित रहने के लिए समय-समय पर MyJio App लॉगिन करके अपनी सिम का स्टेटस और वैलिडिटी चेक करते रहें।
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